सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली-NCR जारी किया आतंकी हमलों का अलर्ट

नई दिल्ली

प्रतिबंधित संगठन जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के चीफ यासीन मलिक को टेरर फंडिंग मामले में सजा का ऐलान हो चुका है. दिल्ली की NIA कोर्ट ने यासीन मलिक को उम्रकैद की सजा सुनाई है. इसके साथ ही कोर्ट ने 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. इसी बीच सुरक्षा एजेंसियों को यासीन मलिक को लेकर बड़े अलर्ट जारी हुए हैं.

जानकारी के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के अलावा दिल्ली पुलिस को करीब 6 से 7 संवेदनशील अलर्ट मिले हैं. जिसमें बकायदा लिखा गया है कि दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अलगाववादी नेता यासीन मलिक की सजा के विरोध में दिल्ली एनसीआर में आतंकी हमले को अंजाम दिया जा सकता है.

IPC और UAPA की इन धाराओं के तहत मलिक को हुई सजा :
एनआईए कोर्ट के विशेष जज ने यासीन मलिक (Yasin Malik) पर आईपीसी की धारा 120 बी के तहत 10 साल जेल, 10 हजार रुपए जुर्माना, जबकि धारा 121 के तहत उम्रकैद और 10 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा आईपीसी की धारा 121ए के तहत 10 साल की जेल और 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। इसके अलावा UAPA की धारा 17 के तहत उम्रकैद और 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। UAPA की धारा 13 के तहत 5 साल की कैद, UAPA की धारा 15 के तहत 10 साल की सजा, UAPA की धारा 18 के तहत 10 साल की सजा और 10 हजार जुर्माना, UAPA 20 के तहत 10 साल की सजा और 10 हजार जुर्माना, UAPA की धारा 38 और 39 के तहत 1 साल की सजा और 5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

 श्रीनगर के मैसूमा और डाउनटाउन इलाकों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। इससे पहले श्रीनगर के मैसूमा इलाके में कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक के समर्थकों और जम्मू-कश्मीर पुलिस के बीच मारपीट हुई। जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।

मई, 2017 में एनआई ने दर्ज किया था केस :
इससे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने कोर्ट में कहा था कि यासीन मलिक (Yasin Malik) ने आतंकी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के समर्थन से जम्मू-कश्मीर के लोगों और सुरक्षाबलों पर हमला करके घाटी में हिंसा फैलाने का काम किया। वहीं कोर्ट ने माना कि यासीन मलिक ने कश्मीर की आजादी के नाम पर घाटी में आतंकवाद और दूसरी गैरकानूनी गतिविधियां फैलाने के लिए फंडिंग की। बता दें कि यासीन मलिक के खिलाफ NIA ने 30 मई, 2017 को केस दर्ज किया था। इस मामले में यासीन के अलावा और भी कई आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।

यासीन मलिक पर लगे ये आरोप :
यासीन मलिक (Yasin Malik) के खिलाफ कई धाराओं के तहत आरोप तय किए गए थे। इनमें गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) की धारा 16 (टेररिस्ट एक्ट), धारा 17 (टेररिस्ट एक्ट के लिए फंडिंग करना), धारा 18 (टेररिस्ट एक्ट की साजिश रचना) और धारा 20 (आतंकवादी गिरोह का मेंबर होना) सहित आईपीसी की धारा 120-B (आपराधिक साजिश) और 124-A (राजद्रोह) भी शामिल थी।

अदालत में क्या बोला यासीन मलिक :
बुधवार को कोर्ट के फैसले से पहले यासीन मलिक (Yasin Malik) ने कहा- अगर मैं किसी भी तरह की आतंकी गतिविधि में शामिल रहा हूं और एजेंसी ये साबित करती है तो मैं पॉलिटिक्स से संन्यास ले लूंगा। मुझे फांसी की सजा भी मंजूर होगी। मेरी किस्मत का फैसला मैं कोर्ट पर छोड़ता हूं।

श्रीनगर के लाल चौक पर कड़ी सुरक्षा :
बता दें कि यासीन मलिक (Yasin Malik) की सजा को लेकर पहले ही कश्मीर घाटी और श्रीनगर में सुरक्षाबलों को चौकन्ना कर दिया गया था। श्रीनगर के सबसे संवेदनशील लाल चौक के आसपास की सभी दुकानों को बंद करवा दिया गया था। हालांकि, ट्रांसपोर्ट पूरी तरह से खुला था। शहर के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी गई थी।

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