कश्मीर मामले में शांतिपूर्ण समाधान के लिए UN में बातचीत का समर्थन-जर्मनी मंत्री एनालीना

 नई दिल्ली

पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो और जर्मनी की विदेश मंत्री एनालीना बेयरबॉक की बर्लिन में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कश्मीर मामले दिए गए बयान पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है. अब पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारत की आपत्ति पर प्रतिक्रिया दी है. पाकिस्तान ने इस मामले में भारत की आपत्ति को 'गैरजरूरी' करार दिया है.

दरअसल, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जर्मनी की विदेश मंत्री एनालीना बेयरबॉक ने कहा था कि कश्मीर की हालत को लेकर जर्मनी की भी भूमिका और जिम्मेदारी है. विदेश मंत्री ने आगे कहा कि हम कश्मीर मामले में शांतिपूर्ण समाधान के लिए संयुक्त राष्ट्र की बातचीत का समर्थन करते हैं.

जर्मनी की विदेश मंत्री के बयान के बाद भारत की ओर से प्रतिक्रिया दी गई. भारतीय विदेश विभाग के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा कि वैश्विक समुदाय की अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद और खासतौर पर सीमावाद आतंकवाद को खत्म करने की जिम्मेदारी है.

बागची ने आगे कहा कि यूएन सिक्योरिटी काउंसिल और एफएटीएफ ( फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स ) अभी तक 26/11 अटैक में शामिल पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों के खिलाफ जांच कर रहे हैं. बागची ने आगे कहा कि जब देश अपने फायदे या उदासीनता के चलते इन खतरों को नहीं समझते हैं तो वह शांति को बढ़ावा नहीं देते बल्कि उसे नजरअंदाज कर रहे होते हैं.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची की प्रतिक्रिया पर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारत पर अनर्गल आरोप लगाए. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कश्मीर मामले में खुद को अलग-थलग महसूस कर रहे भारत की निराशा उजागर हो गई है.

पाकिस्तान के विदेश विभाग ने कहा कि यह सब जानते हैं कि जब भी जम्मू कश्मीर में भारत की गतिविधियों की जांच की मांग बढ़ती है तो वह सीमा पार आतंकवाद की बात शुरू कर देता है.

पाकिस्तान विदेश विभाग ने कहा कि किसी भी तरह के भ्रम फैलाने से कश्मीर में दमन की सच्चाई नहीं बदल जाएगी. विदेश विभाग की ओर से आगे कहा गया कि यह फिर दोहराने की जरूरत नहीं है कि कश्मीर में भारत आतंकवाद फैलाता है और पाकिस्तान में सीमा पार आतंकवाद को भड़काता है.

पाकिस्तान विदेश विभाग ने आगे कहा कि खुद को आतंकवाद का पीड़ित बताकर दूसरों पर आतंकवाद के आरोप लगाने वाले भारत की हानिकारक रणनीतियों पर ज्यादा समय तक पर्दा नहीं रहेगा.  पाकिस्तान विदेश विभाग ने आगे कहा कि पूरा विश्व जानता है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान का कितना योगदान है.

कश्मीर पर क्या बोलीं जर्मनी की विदेश मंत्री
जर्मनी की विदेश मंत्री एनालीना बेयरबॉक ने कहा था कि कश्मीर मुद्दे में हम यूएन के दखल और बातचीत का समर्थन करते हैं. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच अभी शांति बनी हुई है, और जर्मनी इसका समर्थन करता है. साथ ही जर्मनी अपील करता है कि भारत और पाकिस्तान इस मामले में संघर्ष विराम और यूएन की बात मानते हुए राजनीतिक बातचीत को आगे बढ़ाएं.

मालूम हो कि ऐसा पहली बार नहीं है, जब जर्मनी की विदेश मंत्री ने भारत के किसी आंतरिक मामले पर बयान दिया. हाल ही में ऑल्ट न्यूज के को फाउंडर मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी को लेकर भी जर्मनी की विदेश मंत्री ने भारत में लोकतंत्र पर तंज कसा था.

जुबैर की गिरफ्तारी के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा था कि जब भारत खुद को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहता है तो ऐसी स्थिति में भारत से लोकतांत्रिक मूल्यों जैसे अभिव्यक्ति और प्रेस की आजादी की उम्मीद भी की जा सकती है.

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