शिक्षक भर्ती घोटाला: ED को मिला ‘7 लाख’ का पत्र, साथ में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का जिक्र

कोलकाता
 
पश्चिम बंगाल के शिक्षक भर्ती घोटाले में तृणमूल कांग्रेस नेता मणिक भट्टाचार्य की गिरफ्तारी के बाद कई बड़े खुलासे हो रहे हैं। खबर है कि अब प्रवर्तन निदेशालय को एक पत्र मिला है, जो साबित करता है कि नौकरी के बदले में लोगों से रुपये लिए गए थे। कहा जा रहा है कि इस पत्र में टीएमसी सुप्रीमो और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का भी जिक्र मिला है। फिलहाल, जांच जारी है। भट्टाचार्य को ED ने मंगलवार को गिरफ्तार किया था।

 रिपोर्ट के अनुसार, जांच एजेंसी ने PMLA कोर्ट में आवेदन दिया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि टीएमसी नेता के पास से जब्त हुए एक पत्र से साबित हुआ है कि 44 उम्मीदवारों से शिक्षक के तौर पर नौकरी दिलाने के लिए 7-7 लाख रुपये लिए गए थे। भट्टाचार्य की कस्टडी की मांग कर रही ईडी ने कहा है कि वह रुपयों के बदले नौकरी देने वाले घोटाले के अहम लोगों में शामिल हैं। ईडी ने आरोप लगाए हैं कि पत्र सीएम बनर्जी के नाम भी लिखा गया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, जांच एजेंसी की रिमांड एप्लिकेशन में आरोप लगाए गए हैं, '22.07.22 के पंचनामा के तहत मणिक भट्टाचार्य के ठिकानों पर की गई तलाशी में जब्त किए गए दस्तावेज से खुलासा हुआ है कि मणिक भट्टाचार्य को एक पत्र मिला था, जो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के नाम भी लिखआ गया था। उस पत्र में लिखी बातों से पता चला है कि 44 उम्मीदवारों से शिक्षकों की नौकरी के बदले 7-7 लाख रुपये की अवैध राशि ली गई थी। यह भी खुलासा हुआ है कि उक्त राशि पश्चिम बंगाल तृणमूल यूथ कांग्रेस कमेटी के एक महासचिव ने जुटाई थी।'

रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी ने टीएमसी नेता पर जांच को गुमराह करने के भी आरोप लगाए हैं। मंगलवार को गिरफ्तार हुए भट्टाचार्य को जोका ईएसआई अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद 14 दिनों की हिरासत में भेज दिया गया था। वह पश्चिम बंगाल बोर्ड ऑफ प्राइमरी एजुकेशन (WBBPE) के पूर्व अध्यक्ष हैं। उन्हें जांच एजेंसी का सहयोग नहीं करने के चलते गिरफ्तार किया गया है। साथ ही आरोप ये भी हैं कि उन्होंने कई बार समन का जवाब नहीं दिया। खास बात है कि इससे पहले भी ईडी ममता सरकार में शिक्षा मंत्री रह चुके पार्थ चटर्जी को भी गिरफ्तार कर चुकी है। जांच के दौरान उनकी करीबी मानी जाने वाली अर्पिता मुखर्जी के फ्लैट से करोड़ों रुपये और जेवर बरामद हुए थे।

 

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