UIDAI सीआईओ अजय भूषण पांडेय के पावर पॉइंट प्रेज़ेंटेशन से बनी बात

नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आधार योजना को संवैधानिक रूप से वैध करार दिया। बताया गया कि इस फैसले से पहले सुप्रीम कोर्ट के सामने यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) के सीईओ अजय भूषण पांडेय ने मजबूती के साथ प्रेज़ेंटेशन दी। पांडेय ने अपने तथ्यों और तर्कों के आधार पर कोर्ट को आश्वस्त किया कि आधार डेटा पूरी तरह सुरक्षित है।

भूषण को सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का बचाव करने के लिए 22 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में पावर पॉइंट प्रजेंटेशन देने का मौका मिला। पीठ ने कहा कि केंद्र और यूआईडीएआई ने इसका सही तरीके से जिक्र किया कि डेटा सिक्यॉरिटी के पर्याप्त उपाए किए गए हैं। कोर्ट की बेंच ने कहा, ‘आधार कानून के प्रावधानों के जरिए डेटा की सुरक्षा के लिए पावर पॉइंट प्रेज़ेंटेशन में प्रतिवादियों द्वारा दी गई प्रस्तुति में आधार के ढांचे और तंत्र पर गौर करने के बाद हमारी राय है कि सीआईडीआर में संग्रहित बायोमीट्रिक और डेमोग्रैफिक सूचना के आधार पर किसी व्यक्ति का प्रोफाइल बनाना बहुत कठिन है।’

जस्टिस एके सीकरी ने कहा, 'यह पूरी तरह से साबित किया गया है कि आधार डेटा सुरक्षित रखने के उपाय पर्याप्त हैं।' भूषण के प्रेज़ेंटेशन, दोनों पक्षों की बहस और सवाल-जवाब के बाद कोर्ट इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि आधार होल्डर्स से कम से कम डेटा लिया जा रहा है। कोर्ट ने यह भी माना कि पर्याप्त मॉनिटरिंग और सिक्यॉरिटी के चलते डेटा लीक होना आसान नहीं है। बेंच ने कहा, 'भूषण की प्रेज़ेंटेशन की 28वीं स्लाइड में बताया गया कि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम, 24X7 मॉनिटरिंग, डेटा लीक प्रिवेंशन और तमाम अन्य चीजों पर काम किया गया है।'

कौन हैं अजय भूषण पांडेय?
बता दें कि यूआईडीएआई चीफ अजय भूषण पांडेय 1984 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। महाराष्ट्र काडर के भूषण 2010 से यूआईडीएआई के लिए काम कर रहे हैं। मुख्यत: डेटा सिक्यॉरिटी का काम देख चुके भूषण कहते हैं कि इसे 2048-बिट इनक्रिप्शन से सुरक्षित किया गया है इसलिए बायोमीट्रिक डेटा लीक होने का सवाल ही नहीं है। भूषण ने कोर्ट में दो प्रोजेक्टर का इस्तेमाल करके अपनी प्रेज़ेंटेशन दी और मजबूती से अपना पक्ष रखने में कामयाब रहे।

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