अग्निपथ योजना को लेकर पंजाब में मचा बवाल तो भगवंत मान ने दी सफाई, अधिकारियों को दिए निर्देश

चंडीगढ़
पंजाब में अग्निपथ योजना के तहत भर्ती रैली को लेकर विवाद के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सफाई पेश की है। उन्होंने डिप्टी कमिश्नर को आदेश दिया है कि पंजाब में भर्ती रैलियों को लेकर अधिकारियों का सहयोग करें। दरअसल सेना ने पंजाब सरकार से कहा था कि अग्निपथ योजना के तहत भर्ती के लिए स्थानीय प्रशासन का समर्थन नहीं मिल रहा है। ऐसे में या तो भर्तियों को स्थगित किया जाएगा या अन्य पड़ोसी राज्यों में शिफ्ट कर दिया जाएगा। इसके बाद भगवंत मान ने ट्वीट करके सफाई दी है।

मान ने कहा कि स्थानीय प्रशासन सेना के अधिकारियों का सहयोग करे। उन्होंने कहा कि कोशिश की जाएगी कि पंजाब से ज्यादा से ज्यादा युवा सेना में भर्ती हों। भाजपा ने भी पंजाब सरकार पर हमला किया था और कहा था कि आम आदमी पार्टी की सरकार विकास में रोड़ा अड़ा रही है। पंजाब की सरकार जान-बूझकर केंद्र सरकार की योजना को विफल करना चाहती है लेकिन इसे पंजाब के युवाओं को नुकसान होगा और उनमें निराशा फैलेगी।

पंजाब के वित्त मंत्री की राय इस मामले में अलग दिखी। उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना का विरोध जारी रहेगा। बता दें कि जालंधर जोनल भर्ती अधिकारी मेजर नजरल शरद बिक्रम सिंह ने 8 सितंबर को पंजाब के मुख्य सचिव को पत्र लिखा था और कहा था कि भर्ती में स्थानीय प्रशासन का सहयोग नहीं मिल रहा है और सरकारी आदेश या फिर धन की कमी का हवाला दिया जा रहा है।

विधानसभा में पारित हो चुका है अग्निपथ के खिलाफ प्रस्ताव
बता दें कि पंजाब की  विधानसभा में अग्निपथ योजना को वापस लेने की मांग को लेकर प्रस्ताव भी  पारित किया गया था। सीएम भगवंत मान ने यह प्रस्ताव पेश किया था और कहा था कि केवल चार साल के लिए युवाओं को सेना में भर्ती करने से उनमें असंतोष पैदा हो सकता है। युवा जीवनभर देश की सेवा करना चाहते हैं।

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