Friday, October 23rd, 2020
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आज है सर्व पितृ अमावस्या, पितरों को दी जाती है विदाई

 नई दिल्ली  
आश्विन माह की अमावस्या को पितृ विसर्जन अमावस्या कहा जाता है। इस दिन से श्राद्ध समाप्त होते हैं। एक तरह से इस दिन पितृों को विदा कर दिया जाता है। इस साल सर्व पितृअमावस्या 17 सिंतबर की है।

दरअसल 16 सितंबर को शाम 7 बजे से अमावस्या लगेगी और 17 सितंबर को शाम चार बजे तक रहेगी। इसलिए 17 सितंबर को ही सर्व पितृ अमावस्या मनाई जाएगी। इस दिन उन पितरों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मुत्यु की तिथि याद ना हो। एक तरह से सभी भूले बिसरों को इस याद कर उनका तर्पण किया जाता है। ब्रह्म पुराण के अनुसार जो वस्तु उचित काल या स्थान पर पितरों के नाम पर उचित विधि से दिया जाता है, वह श्राद्ध कहलाता है। 

सर्व पितृ अमावस्या के दिन  भी भोजन बनाकर इसे कौवे, गाय और कुत्ते के लिए निकाला जाता है। ऐसा कहा जाता है कि पितर देव ब्राह्राण और पशु पक्षियों के रूप में अपने परिवार वालों दिया गया तर्पण स्वीकार कर उन्हें खूब आशीरर्वाद देते हैं। इस दिन अपने पूर्वजों के न‍िम‍ित्‍त के योग्‍य व‍िद्वान ब्राह्मण को आमंत्र‍ित कर भोजन कराना चाह‍िए। इसके अलावा आप गरीबों को भी अन्‍न का दान कर सकते हैं। पितरों के न‍िम‍ित्‍त श्राद्ध 11:36 बजे से 12:24 बजे में ही करना चाहि‍ए।

अमावस्या समय
अमावस्या तिथि शुरू: 19:58:17 बजे से (सितंबर 16, 2020) 
अमावस्या तिथि समाप्त: 16:31:32 बजे (सितंबर 17, 2020)

Source : Agency

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