Wednesday, January 27th, 2021
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तेजस्वी ने चुनावी मंच से अवध बिहारी को अहम जिम्मेदारी देने का किया था वादा, अब पूरा करने में जुटे 

सिवान
बिहार विधानसभा स्पीकर पद के लिए महागठबंधन ने सिवान सदर विधायक अवध बिहारी चौधरी का नाम आगे किया है। इसकी खबर मिलने के बाद से ही सिवान में विधायक के समर्थक और पार्टी के कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है। पार्टी से जुड़े लोगों का कहना है कि अवध बिहारी चौधरी के पक्ष में चुनाव प्रचार करने आए तेजस्वी यादव ने क्षेत्र की जनता से वादा किया था कि उन्हें महत्वपूर्ण भूमिका में रखेंगे। जनता ने अवध बिहारी को विधायक बना कर तो भेज दिया है। लेकिन राज्य में तेजस्वी यादव की सरकार नहीं बन सकी। बावजूद तेजस्वी यादव अपने वादे को पूरा करने में जुटे हैं। उन्होंने भरे मंच से अवध बिहारी चौधरी को अपना अभिभावक बताया था। सिवान राजद के प्रवक्ता उमेश कुमार ने कहा कि अवध बिहारी चौधरी राजद के वरिष्ठ नेता हैं। उनको स्पीकर चुने जाने से देशरत्न राजेंद्र प्रसाद की धरती का मान बढ़ेगा।

सिवान सीट पर था दो समधियों के नाक की लड़ाई
सिवान सदर विधानसभा का चुनाव इस बार काफी दिलचस्प था। राजद ने अपने कद्दावर नेता व पूर्व मंत्री अवधबिहारी चौधरी को टिकट दिया। तो वहीं भाजपा ने सिवान लोकसभा से दो बार सांसद रहे और रिश्ते में अवध बिहारी चौधरी के समधी ओमप्रकाश यादव को चुनावी समर में उतार दिया। ऐसे में दोनों समधियों के आमने-सामने होने से एक तरफ जहां चुनाव दिलचस्प हो गया वहीं मुकाबला भी कांटे की हो गई। लेकिन अंततः बाजी अवधबिहारी चौधरी के पक्ष में गई। उन्होंने 1973 वोट के फासले से ओमप्रकाश यादव को परास्त कर दिया।

जानिए कौन हैं अवध बिहारी चौधरी
सिवान से छठी बार विधानसभा चुनाव जीतने वाले अवध बिहारी चौधरी फिलहाल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष हैं। 1985 में पहली बार जनता पार्टी की टिकट पर विधायक बने थे। इसके बाद जनता दल और फिर राष्ट्रीय जनता दल की टिकट पर चुनाव जीतते रहे। इस बीच वे बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे। लेकिन अक्टूबर 2005 में हुए विधानसभा चुनाव से लगातार तीन बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इस बीच राजद से उनकी दूरी भी बढ़ गई। साल 2012 में राजद को छोड़ कर जदयू में चले गए। लेकिन 2015 के विधानसभा चुनाव में जदयू ने उन्हें टिकट नहीं दिया। जिससे वे निर्दलीय चुनाव लड़े। उन्हें 28450 मत मिले। लेकिन चुनाव नहीं जीत सके। इसके बाद साल 2017 में फिर से उनकी राजद में घर वापसी हो गई।

Source : Agency

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