Tuesday, September 21st, 2021
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सेवानिवृत्ति देयक भुगतान न होने पर सीसीएफ व डीएफओ को अवमानना का नोटिस

बिलासपुर
सेवानिवृत्त होने के बाद भी रेंजर को देयको के 60 दिनों के भीतर भुगतान किए जाने के उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद भी रेंजर को भुगतान न किये जाने पर उच्च न्यायालय ने बिलासुपर के मुख्य वन संरक्षक व कोरबा वनमंडलाधिकारी को न्यायालय की अवमानना को नोटिस जारी कर तत्काल जवाब देने को कहा है।

उल्लेखनीय है कि जमनीपाली निवासी कोमल प्रसाद शर्मा ने अपने अधिवक्ता अभिषेक पांडेय और दीपिका सन्नाट के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इसमें बताया कि वह जमनीपाली कोरबा के रहने वाले हैं और कोरबा में ही डिप्टी फॉरेस्ट रेंजर के पद पर पदस्थ थे। 31 जुलाई 2020 को 62 वर्ष की आयु पूरी होने पर उन्हें सेवानिवृत्त कर दिया गया। उनके विरुद्ध एक विभागीय जांच की प्रक्रिया चल रही थी, इसलिए उन्हें सिर्फ 90 प्रतिशत फैमिली पेंशन दी जा रही थी। शासन की ओर से सेवानिवृत्ती के बाद जिन देयकों ग्रेच्युटी, जीपीएफ, जीआईएस व अवकाश नगदीकरण, छठवें वेतन आयोग के एरियर्स का भुगतान उन्हें इसलिये नहीं किये गया क्योंकि उनके खिलाफ एक विभागीय जांच प्रक्रिया का हवाला दिया गया।

डिप्टी रेंजर की इस याचिका पर उच्च न्यायालय ने सुनवाई करते हुए मुख्य वन संरक्षक बिलासपुर नावेद सुजाउद्दीन व वन मंडलाधिकारी कोरबा प्रियंका पाण्डेय को यह निर्देशित किया था कि वे 60 दिन के भीतर याचिकाकर्ता के मामले का अंतिम निराकरण कर याचिकाकर्ता को अन्य सेवानिवृत्ति देयक प्रदान करने का आदेश दिया था। लेकिन कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं किये जाने पर याचिकाकर्ता ने उनके खिलाफ अवमाना की याचिका दाया कि जिसे पर हाईकोर्ट ने मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) बिलासपुर नावेद सुजाउद्दीन और कोरबा वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) प्रियंका पांडेय को अवमानना नोटिस जारी करते हुए तत्काल जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।

Source : Agency

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