Friday, October 22nd, 2021
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वोडाफोन आइडिया ने क़र्ज़ में डूबने के बावजूद 5G में छोड़ा साडी कंपनी को पीछे

कर्ज में डूबी दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया ने रविवार को पुणे में 5G ट्रायर के दौरान 3.7 Gbps (जीबीपीएस) की पीक स्पीड दर्ज करने का दावा किया, जो भारत में किसी भी ऑपरेटर की तुलने में सबसे ज्यादा है। कंपनी ने गांधीनगर और पुणे में मिड-बैंड स्पेक्ट्रम में 1.5 Gbps डाउनलोड स्पीड दर्ज करने का भी दावा किया है।

वीआई (वोडाफोन आइडिया) को 5G नेटवर्क ट्रायल्स के लिए पारंपरिक 3.5 गीगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम बैंड के साथ-साथ दूरसंचार विभाग (डीओटी) द्वारा 26 गीगाहर्ट्ज (जीएचजेड) जैसे हाई फ्रिक्वेंसी बैंड आवंटित किए गए हैं।

"पुणे शहर में, वीआई ने क्लाउड कोर, नई पीढ़ी के ट्रांसपोर्ट और रेडियो एक्सेस नेटवर्क के एंड-टू-एंड कैप्टिव नेटवर्क के लैब सेट-अप में अपना 5G ट्रायल तैनात किया है।

वीआई ने बयान में कहा, "इस ट्रायल में, वीआई ने एमएमवेव (मिलीमीटर वेव) स्पेक्ट्रम बैंड पर लो लैटेंसी के साथ 3.7 जीबीपीएस से अधिक की पीक स्पीड हासिल की है।"

दूरसंचार विभाग ने मई में रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन और बाद में एमटीएनएल के आवेदनों को मंजूरी दी थी। टेलीकॉम गियर निर्माता एरिक्सन, नोकिया, सैमसंग और सी-डॉट के साथ छह महीने के ट्रायल के लिए अनुमति दी गई है।

Jio ने जून में खुलासा किया था कि उसने 1 Gbps की पीक स्पीड दर्ज की है और Airtel ने भी जुलाई में समान स्तर की पीक स्पीड दर्ज की है।

Reliance Jio अपनी तकनीक को 5G ट्रायल के लिए भी इस्तेमाल कर रहा है। सभी निजी कंपनियां इस समय देश भर में 4G सेवाएं प्रदान कर रही हैं और 5G के लिए कमर कस रही हैं। बीएसएनएल ने अभी तक पूरे भारत में 4G को रोल आउट नहीं किया है।

वोडाफोन आइडिया के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी जगबीर सिंह ने कहा, "हम सरकार द्वारा आवंटित 5G स्पेक्ट्रम बैंड पर 5G ट्रायलों के शुरुआती चरणों में स्पीड और लैटेंसी परिणामों से प्रसन्न हैं।" उन्होंने कहा कि भारत भर में एक मजबूत 4G नेटवर्क स्थापित करने, सबसे तेज 4G स्पीड और 5G-रेडी नेटवर्क देने के बाद, वीआई अब अगली पीढ़ी की 5G तकनीक का ट्रायल कर रहा है, जो भविष्य में, भारत में उद्यमों और उपभोक्ताओं के लिए सही मायने में डिजिटल अनुभव लाने में सक्षम है।

Source : Agency

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