बसपा पूरब से पश्चिम तक ऐसे बदलेगी चुनावी समीकरण, मायावती की जानें पूरी तैयारी

लखनऊ
 
बसपा सुप्रीमो मायावती ने हाल ही में सपा छोड़कर आने वाले इमरान मसूद को अहम जिम्मेदारियां दी हैं। उन्हें पार्टी से मुस्लिमों को जोड़ने के लिए पश्चिमी यूपी के चारों प्रमुख मंडलों का प्रभारी बनाया गया है। इसी तरह प्रदेश अध्यक्ष भीम राजभर को पार्टी से राजभर बिरादरी को जोड़ने के लिए पूर्वांचल के मंडलों की जिम्मेदारी दी है। इमरान मसूद को सहारनपुर, अलीगढ़, मेरठ और आगरा की जिम्मेदारी दी गई है। वह इन मंडलों में संगठन को मजबूत करने के साथ ही अपनी बिरादरी के वोट बैंक को पार्टी के साथ जोड़ने का काम करेंगे। उनके सहयोग के लिए अन्य लोगों को भी लगाया गया है। भीम राजभर वाराणसी व आजमगढ़ समेत पूर्वांचल के अन्य मंडलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

दो बार लड़ चुके हैं लोकसभा चुनाव
इमरान मसूद सहारनपुर के साथ ही वेस्ट यूपी का खासा चर्चित नाम हैं। वह पूर्व केन्द्रीय मंत्री रहे काजी रशीद मसूद के भतीजे हैं। सपा से पहले वह कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव थे। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 21 जनवरी 2022 वह कांग्रेस छोड़कर सपा में शामिल हो गए थे। अभी हाल में हुए जिला पंचायत के सदस्य के उप चुनाव में भी उनके मुताबिक सपा ने प्रत्याशी नहीं उतारा था। साथ ही सपा के नेताओं से उनकी पटरी भी नहीं बैठ पा रही थी। इन सभी कारणों के चलते वह पिछले कुछ दिनों से बसपा के संपर्क में थे। सपा छोड़ बसपा में जाने वाले इमरान मसूद दो बार लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। उन्होंने वर्ष 2014 और वर्ष 2019 में कांग्रेस के टिकट पर सहारनपुर से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। इससे पहले उन्होंने वर्ष 2012 और 2017 में विधान सभा का चुनाव लड़ा लेकिन, सफलता नहीं मिल पाई। जबकि वर्ष 2007 में बेहट विधान सभा से निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत दर्ज की थी।
 
पूर्व का समीकरण बदलेंगे भीम राजभर
बसपा सुप्रीमो मायावती ने पिछड़ा वर्ग से आने वाले भीम राजभर को यूपी का अध्यक्ष बनाया है। भीम राजभर ने विधानसभा चुनाव 2012 में बसपा के टिकट पर चुनाव बाहुबली मुख्तार अंसारी को कड़ी टक्कर दी थी। बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा भीम राजभर को जिम्मेदारी देने पीछे पूर्वांचल में बड़ा वोट बैंक खड़ा करना है। चुनावी समीकरण को साधने की तैयारी है।   

 

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