आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थियों को CM नीतीश ने दिया बड़ा तोहफा

पटना
 बिहार में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों के भविष्य संवारने हेतु नीतीश सरकार द्वारा लागू स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का बजट करीब बारह गुणा बढ़ा है। नए वित्त वर्ष 2023-24 के लिए इसके बजट में बीस प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव संभावित है। अभी तक इस योजना में 60 प्रतिशत बिहार के अंदर पढऩे वाले छात्र-छात्राओं ने लाभ लिया है, 40 प्रतिशत बिहार के बाहर के शिक्षण संस्थानों में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों ने योजना से फायदा उठाया है। बिहार में पढ़ाई करने वाले एक लाख 24 हजार 317 विद्यार्थियों ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ लिया है। इनकी पढ़ाई के एवज में 2744 करोड़ 24 लाख रुपये संबंधित संस्थानों को दिया गया है। सरकार अब विदेश में पढ़ाई करने वाले बिहार के विद्यार्थियों को भी योजना का लाभ देने जा रही है। इसके लिए सरकार मानक निर्धारण में बदलाव करने जा रही है।

व्यावसायिक व रोजगार उन्मुख पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर शिक्षा विभाग द्वारा स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के क्रियान्वयन को और बेहतर करने की कार्य योजना बनायी गई है। इसमें सामान्य विषयों के बजाय व्यावसायिक एवं रोजगार उन्मुख पाठ्यक्रमों में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने की प्राथमिकता दी गई है। विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार स‍िंह के मुताबिक इस योजना में श्रेण स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया को और सरल बनाया गया है। साथ ही योजना का लाभ देने में उत्कृष्ट श्रेणी के सरकारी संस्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है। राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण संस्थानों (आइआइटी, एनआइटी, आइआइएम आदि) के मामले में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के लिए अधिकतम निर्धारित राशि चार लाख रुपये की सीमा को शिथिल करने का फैसला लिया गया है। अब पाठ्यक्रम के अनुसार लोन कैङ्क्षपग की व्यवस्था की जा रही है। पाठ्यक्रमों के मास्टर सूची में नये पाठ्यक्रम शामिल किये जाएंगे। बिहार के अंदर के गैरसरकारी संस्थानों के लिए भी मानक तय किए जाएंगे।

Related Articles

Back to top button