जोशीमठ में असुरक्षित भवनों और होटलो को आज गिराया जायेगा, गरजने लगे बुलडोजर

जोशीमठ में औली रोड पर गीता सकलानी रहती थीं. घर की दीवारों पर बड़ी-बड़ी दरारें आने के बाद उन्हें इसे छोड़ना पड़ा. प्रशासन ने उन्हें कहीं और शिफ्ट कर दिया है. लेकिन आशियाना उजड़ने का दुख उनके चेहरे पर साफ झलक रहा है. घर पर प्रशासन ने लाल क्रॉस का निशान बना दिया है. यानी यहां कोई नहीं रह सकता. जोशीमठ के हर दरकते घर की कहानी गीता की कहानी की तरह ही है...

जोशीमठ

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि जोशीमठ में भू-धंसाव की जद में आने वाले सभी परिवारों को शिफ्ट किया जाएगा। वरिष्ठ अफसरों को मौके पर ही कैंप करने के निर्देश दिए गए हैं, वे खुद उनसे पल-पल की रिपोर्ट ले रहे हैं। वहीं,मुख्य सचिव एसएस संधु ने भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने और दरारग्रस्त भवनों को मंगलवार से ध्वस्त करने के निर्देश दिए।

यहां घरों की दीवारों पर गहरी-गहरी दरारें हैं, सड़कें धंसती जा रही हैं, जमीन पर जगह-जगह से जमीन फाड़ कर पानी निकल रहा है. यह हाल है उत्तराखंड के जोशीमठ का. यहां पहले चरण में 678 मकानों और 2 होटलों को असुरक्षित घोषित किया जा चुका है. लोगों से जगह खाली करने के लिए कहा जा रहा है. घरों पर लाल खतरे वाले निशानों ने स्थानीय लोगों के चेहरे का रंग उड़ा दिया है. उजड़ते आशियाने देख हर तरफ सिर्फ चिंता और मायूसी छाई हुई है. आज से होटलों और घरों को गिराने का काम किया जाने वाला है.

जोशीमठ से औली जाते हुए आइटीबीपी का कैंप पार करने के बाद खुली जगह पर एक मकान सा दिखता है. पास में सड़क पर उतरते ही एक दुकान दिखती है, जिसका शटर बंद है. सड़क से नीचे उतरने के लिए सीढ़ी वाला रास्ता बना है. सीढ़ियों पर दरार दिख रही है. सड़क और मकान के बीच में जमीन फट गई है. 10-15 सीढ़ियां नीचे उतरते ही दोनों ओर मकान हैं. मकान की दीवारों पर दरारें आ चुकी हैं. खाली पड़े मकान जोशीमठ में तबाही की आशंका का एक उदाहरण मात्र हैं. जब हम इन दरारों को देख रहे थे, तो वहां एक महिला शॉल लपेटे हुए सीढ़ियों से आती हुई दिखाई दी. सिर में कंछुपा (पहाड़ी महिलाओं की टोपी) पहने हुए महिला हमें देख झिझक गई. शाम का वक्त था. उसके हाथ में बाल्टी थी. वह दूध दूहने एक बार फिर उस घर मे आई है, जहां जीवन भर की उसकी यादें छिपी हैं और अचानक से उससे यह घर खाली कराकर उसे दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया.

जिन भी बिल्डिंगो में ज्यादा दरार है और वो कभी भी गिर सकती है उन बिल्डिंगो को SDRF की टीम के द्वारा ध्वस्त किया जायेगा।

जोशीमठ के DM हिमांशु खुराना ने कहा हमने जोशीमठ को असुरक्षित जोन घोषित किए हैं। वहां से लोगों को निकालने का सिलसिला जारी है, ज्यादातर लोगों को निकाल लिया गया है। सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट रुड़की की टीम यहां आ रही है। उनके दिशानिर्देश पर असुरक्षित घरों और बिल्डिंगो को ध्वस्त किया जाएगा।

सबसे पहले होटल मलारी इन और होटल माउंट व्यू को गिराया जायेगा।

SDRF कमांडेंट मणिकांत मिश्रा ने कहा होटल मलारी इन को गिराया जाएगा। इसे चरणबद्ध तरीके से गिराया जाएगा। ये होटल टेड़े हो गए हैं। इसे तोड़ना जरूरी है क्योंकि इसके नीचे भी कई घर और होटल हैं और अगर ये ज्यादा धंसेगा तो कभी भी गिर सकता है। CBRI के एक्सपर्ट आ रहे हैं वेअधिक तकनीकी जानकारी देंगे

महिला गोशाला में दूध निकालने और तीनों गायों को चारा देती है. चारा अक्टूबर-नवंबर में गायों के लिए इकट्ठा कर दिया था जो अभी तक चल रहा है. बाहर निकलकर बताती है हमें तो शिफ्ट कर दिया लेकिन हमारे मवेशी अभी यहीं हैं. प्रसाशन ने घर पर लाल निशान लगा दिया है और हम लोगों को 3 दिन पहले बोला कि अब इस घर में नहीं रह सकते हैं. महिला कहती है कि 2003 में मेरी शादी होकर मैं इस घर में आई थी. प्रमोद सकलानी मेरे पति का नाम है, 3 दिन पहले तक हम लोग इसी घर में रह रहे थे लेकिन अब यहां एसडीएम ओर उनकी टीम आई उन्होंने बताया यहां नहीं रह सकते हैं, पहले हमें जोशीमठ बाजार में पर्यटन विभाग के होटल या गेस्ट हाउस में शिफ्ट किया जा रहा था लेकिन हमने अपने मवेशियों के बारे में बताया तब हमें यही पास के पहाड़ी कैफे में रुकवाया गया है, फिलहाल वहीं रह रहे हैं. मुख्यमंत्री तो दो दिन पहले खुद भी हमारे यहां देखने आये थे और वो बता रहे थे कि बात प्रधानमंत्री जी तक पहुंच गई है तो जरा उम्मीद है कुछ होगा. वरना तो जब से दरार आई, तब से कुछ नहीं हुआ. किसके पास नहीं गए हम, जहां तक हो सकता था वहां गए लेकिन कुछ मदद नहीं मिली.

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