2019: RBI के आंकड़े लाएंगे मोदी सरकार के अच्छे दिन?

 नई दिल्ली 
2019 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले मोदी सरकार के लिए अच्छे संकेत मिल रहे हैं। रिजर्व बैंक (RBI) ने कहा है कि निवेश के मामले में अर्थव्यवस्था अच्छा प्रदर्शन कर रही है। खास बात यह है कि नौकरियों के अवसर पैदा करने वाले मध्य एवं लघु उद्योगों में भी निवेश बढ़ा है, इसकी राजनीति में भी खूब चर्चा होती है। माना जा रहा है कि इन आंकड़ों का हवाला देकर सरकार जीएसटी और नोटबंदी की वजह से हुए नुकसान के आरोपों को खारिज करने की कोशिश करेगी। 
 
रिजर्व बैंक ने संसद की स्थायी समिति को बताया, 'कुल मिलाकर निवेश के मामले में अर्थव्यवस्था बढ़ रही है। तमाम इंडिकेटरों और निवेश की गतिविधियों के आगे भी मजबूत होने की संभावना है। बढ़ते निवेश से भविष्य में और भी फायदे होंगे।' शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2018-19 की पहली तिमाही में विकास दर बढ़कर 8.2 फीसदी हो गई है। 2017-18 की पहली तिमााही में यह 5.6 प्रतिशत थी। मध्यम उद्योग में भी पिछले साल की पहली तिमाही के मुकाबले वृद्धि दर्ज की गई है। 

आरबीआई का यह रिपोर्ट कार्ड नोटबंदी और जीएसटी की वजह से लघु और मध्यम उद्योगों के नुकसान वाले आरोपों से लड़ने में सरकार की मदद करेगा। न केवल मध्यम उद्योग में सुधार हुआ है बल्कि बड़े उद्योगों का भी क्रेडिट पिछले साल के मुकाबले -1.7 फीसदी से बढ़कर 0.8 फीसदी हो गया है। सरकार इन आंकड़ों के मुताबिक रोजगार में वृद्धि का भी दावा कर सकती है। 

रिपोर्ट में बताया गया है कि कैपिसिटी यूटिलाइजेशन में भी पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वहीं फाइनैंशल रिसोर्ट मोबिलाइजेशन भी 155 अरब से बढ़कर 2017-18 में 438 अरब हो गया है। आरबीआई ने कहा है कि सरकारी बैंकों के NPA की सफाई का भी प्रभाव दिखने लगा है। 

रिपोर्ट में कहा गया है, 'शुरू में ही इस मुहिम का अच्छा असर दिख रहा है। कई अकाउंट अब रिजोलूशन के करीब हैं और अगर रिकवरी की जाती है तो इससे बैंकों को बड़ा फायदा होगा।' आरबीआई ने कहा है कि फूड प्रॉसेसिंग, वीइकल्स, सीमेंट, निर्माण और इंजिनियरिंग जैसे उद्योगों को लेकर क्रेडिट ग्रोथ सुधरा है। 

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