महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में भाजपा ने मारी बाजी, सभी 5 उम्मीदवार जीते

मुम्बई

 महाराष्ट्र में एमएलसी चुनाव (Maharashtra MLC election result 2022) में सभी 10 सीटों पर नतीजे आ गए हैं और राज्यसभा चुनाव के बाद महाविकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार को यहां भी झटका लगा है। एमवीए ने 6 में से पांच सीटें निकालीं जबकि बीजेपी के सभी उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। एमएलसी चुनाव में सत्तारूढ़ शिवसेना, एनसीपी के दो-दो, बीजेपी के पांच और कांग्रेस के एक उम्मीदवार ने जीत दर्ज कर ली है। कांग्रेस के भाई जगताप ने जीत दर्ज की जबकि चंद्रकांत हंडोरे हार गए।

विधान भवन के बाहर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाना शुरू कर दिया है। बीजेपी की तरफ से प्रवीण दरेकर, राम शिंदे, श्रीकांत भारतीय, उमा खपरे और प्रसाड लाड ने जीत दर्ज की। शिवसेना के सचिन अहीर और अमशा पडवी ने जीत दर्ज की। एनसीपी के एकनाथ खडसे और रामराजे नाइक निंबालकर ने भी अपनी सीट निकाल ली। जबकि कांग्रेस के भाई जगताप ने जीत हासिल की।

10 सीटों पर 11 कैंडिडेट के बीच मुकाबला
एमवीए में शामिल शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और कांग्रेस ने दो-दो उम्मीदवार उतारे, जबकि बीजेपी ने पांच उम्मीदवारों को टिकट दिया था। विधान परिषद के नौ सदस्यों का कार्यकाल सात जुलाई को समाप्त होने वाला है। 10वीं सीट पर इस साल की शुरुआत में बीजेपी के एक सदस्य के निधन के कारण चुनाव कराया गया। इन 10 सीटों के लिए कुल 11 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हुआ।

क्रॉस वोटिंग की आशंका
विधान परिषद चुनाव में सीक्रेट बैलेट के जरिए मतदान हुआ इसलिए क्रॉस वोटिंग की आशंका बढ़ गई है। राज्यसभा चुनाव में सदस्यों को अपनी-अपनी पार्टी के अधिकृत प्रतिनिधि को अपना मतपत्र दिखाना होता है, लेकिन विधान परिषद चुनाव में मतपत्र को गुप्त रखा गया, जिसके चलते 'क्रॉस वोटिंग' की आशंका है। साथ ही इस बात को लेकर भी संशय बढ़ गया है कि निर्दलीय सदस्यों ने किसे अपना वोट दिया।

देर से शुरू हुई मतगणना

राज्यसभा चुनाव की भांति विधान परिषद चुनाव में भी मतगणना शुरू होने में देरी हुई। सत्तारूढ़ पक्ष की ओर से भाजपा के पक्ष में मत डालने आए दो बीमार विधायकों लक्ष्मण जगताप एवं मुक्ता तिलक के वोट डालने के तरीके पर आपत्ति उठाई गई। राज्य चुनाव आयोग ने यह आपत्ति खारिज की, तो सत्तारूढ़ पक्ष केंद्रीय चुनाव आयोग के पास गया। वहां से भी आपत्ति खारिज होने के बाद मतगणना शुरू हो सकी।

मतगणना प्रक्रिया शुरू होने के बाद एक बार फिर बाधा उत्पन्न हुई, जब भाजपा की ओर से राकांपा के पक्ष में पड़े एक वोट पर आपत्ति जताई गई। इस पर विवाद के दौरान ही भाजपा के भी एक मत पर आपत्ति आ गई। इन दोनों मतों को अवैध घोषित किए जाने के बाद जीत के लिए आवश्यक मतों का कोटा 25.73 निर्धारित हुआ। 285 विधायकों के मतदान के बाद यह कोटा 26 का था। शिवसेना के एक विधायक की मृत्यु एवं राकांपा के दो विधायकों नवाब मलिक एवं अनिल देशमुख के जेल में होने कारण 288 सदस्यों वाली विधानसभा में 285 विधायक ही वोट डाल सके।

नवाब मलिक और अनिल देशमुख नहीं डाल सके वोट

सुप्रीम कोर्ट ने विधान परिषद चुनाव में वोट डालने के लिए जेल में बंद एनसीपी नेताओं नवाब मलिक और अनिल देशमुख को रिहा करने से इनकार कर दिया।

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