5 राज्यों की हार पर कांग्रेस में होगा मंथन,सोनिया बुलाएंगी कार्यसमिति की बैठक

नई दिल्ली

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) बहुत जल्द कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुलाएंगी, जिसमें पांचों राज्यों में हुई पार्टी की चुनाव हार पर एक व्यापक मंथन किया जाएगा. कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने यह जानकारी दी. पार्टी नेता सुरजेवाला ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि मतदाताओं के विवेक और निर्णय पर कभी भी सवाल नहीं उठाया जा सकता. ऐसा हमारा मानना है. उन्होंने कहा कि पांच राज्यों में चुनाव परिणाम कांग्रेस पार्टी की आशा के विपरीत रहे हैं. हमें उत्तराखंड, गोवा और पंजाब में बेहतर परिणामों की अपेक्षा थी, लेकिन हम ये स्वीकार करते हैं कि हम जनता का आशीर्वाद प्राप्त करने में असफल रहे.

कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, पंजाब में सरदार चरणजीत सिंह चन्नी जी के रूप में हमने विनम्र, स्वच्छ और धरातल से जुड़ा हुआ नेतृत्व देने का प्रयास किया, कैप्टन अमरिंदर सिंह की साढ़े चार साल की सत्ता विरोधी लहर से नहीं उबर पाए. जनता ने बदलाव के लिए मतदान किया. हम जनता के इस जनादेश को स्वीकार करते हैं और आम आदमी पार्टी के भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल को मुबारकबाद देते हैं.

यूपी में जनमत को सीटों में नहीं बदल पाए

कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने कहा, उत्तर प्रदेश में हम कांग्रेस को जमीनी स्तर पर पुनर्जीवित करने में तो सफल रहे हैं, पर हम उस जनमत को सीटों में नहीं बदल पाए, कांग्रेस पार्टी उत्तर प्रदेश की हर विधानसभा में गली-मोहल्ले तक पहुंच पाई. हम उत्तराखंड और गोवा में बेहतर चुनाव तो लड़े पर जनता का मन नहीं जीत पाए, विजय के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाए. हमारे लिए एक सीख है कि हमें धरातल पर और अधिक मेहनत करने की आवश्यकता है.

जातिवाद और ध्रुवीकरण से दूर रही कांग्रेस

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सुरजेवाला बोले कि इस चुनाव को जातिवाद और धार्मिक ध्रुवीकरण के मुद्दों से दूर रख जनता के मुद्दों पर वापस लाने का सतत प्रयास किया. फिर वो चाहे बेरोजगारी हो, महंगाई हो, डूबती अर्थव्यवस्था हो, जनता के समक्ष रोजमर्रा का संकट हो, या फिर ढांचागत विकास हो, परंतु ये भी सच है कि भावनात्मक मुद्दे जनता की जिंदगी से जुड़े इन मुद्दों पर कहीं ना कहीं हावी हो गए.

हम चुनाव हारें या जीतें, लेकिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस देश की जनता के साथ लगातार खड़ी है. हम जनता के मुद्दों, महंगाई, बेरोजगारी, अर्थव्यवस्था को, शिक्षा, स्वास्थ्य, ढांचागत विकास को इन सब मुद्दों को ज़िम्मेवारी के साथ उठाते रहेंगे. हम हार के कारणों पर गहन दृष्टि से आत्ममंथन और आत्मचिंतन दोनों करेंगे, संगठन पर काम करेंगे और भविष्य में और बेहतर प्रयास करेंगे.

'चुनाव हारे हैं, हिम्मत नहीं'

पार्टी की हार पर सुरजेवाला ने आगे कहा, कांग्रेस पार्टी चुनाव परिणामों से निराश जरूर है, लेकिन हताश नहीं है. हम केवल चुनाव हारे हैं, पर हिम्मत नहीं हारे. हम कहीं नहीं जा रहे. हम लड़ते रहेंगे, जब तक हम जीत हासिल ना हो जाए और वो जीत जनता की जीत हो. हम लौटेंगे नए बदलाव के साथ, नई रणनीति के साथ.

अब ब्लॉक स्तर से राजनीति करना चाहता हूं: हरीश रावत

उधर, उत्तराखंड कांग्रेस के बड़े नेता हरीश रावत ने अपनी हार स्वीकार की और कहा कि हमें फिर से देखना होगा कि लोग क्या चाहते हैं, कहीं न कहीं हम गलत जा रहे हैं. उन्होंने आगे कहा, मैं अब ब्लॉक स्तर से राजनीति शुरू करना चाहता हूं ताकि मैं खुद को फिर से तराश सकूं. आगे की प्लानिंग पर रावत ने कहा कि वह अपनी पत्नी के साथ क्वालिटी टाइम बिताएंगे, क्योंकि उनकी शादी की सालगिरह करीब है.

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