कांग्रेस कि जनता को गुमराह करने की राजनीति अब नहीं चलेगी : नरोत्‍तम मिश्रा

भोपाल
 खरगोन में रामनवमी के दिन हुई हिंसा को लेकर प्रदेश में सियासी उबाल थमने का नाम नहीं ले रहा। गुरुवार को कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने खरगोन पहुंचकर पीड़ितों से मुलाकात की थी। इसको लेकर गृहमंत्री नरोत्‍तम मिश्रा ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है। उन्‍होंने मीडिया के साथ चर्चा में कहा कि कांग्रेस को समझ जाना चाहिए कि जनता को गुमराह करने की राजनीति नहीं चलेगी। प्रदेश की जो जनता है, वह सब जानती है। खरगोन में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को जनता ने खुद कह दिया है कि कांग्रेस आतंकी पैदा करती है। कांग्रेस की सियासत का इतना सा फ़साना है, पहले बस्ती भी जलवाना है, फिर मातम भी मनाना है। वैसे सज्जन सिंह वर्मा भी कमाल हैं, जो दिग्‍विजय सिंह के अपमान का कोई अवसर नहीं छोड़ते हैं। जो खदेड़ा है जनता ने उनको, उस वक्‍त भी उन्‍होंने दिग्विजय सिंह मुर्दाबाद के नारे लगवा ही दिए।

राजस्‍थान हिंसा को लेकर यह कहा

गृहमंत्री नरोत्‍तम मिश्रा ने कहा कि खरगोन और राजस्थान में हिंसा की तुलना नहीं की जा सकती। खरगोन में हमने दो-तीन घंटे में ही हिंसा को कंट्रोल कर लिया था, लेकिन राजस्थान में तो दंगों कि सीरीज चल रही है। करौली से शुरू हुए दंगे अब जोधपुर, भीलवाड़ा और अलवर तक पहुंच गए हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी अगर बुलडोजर सचिन पायलट और उनकी टीम पर चलाने की बजाय अपराधियों और दंगाइयों के खिलाफ चलाते तो अच्छा होता। अगर उनके पास बुलडोजर नहीं हैं तो यूपी, एमपी से मंगवा लो, भिजवा देंगे।

ओबीसी के लिए 35 फीसदी आरक्षण की मांग

ओबीसी आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इस मुद्दे पर गृहमंत्री नरोत्‍तम मिश्रा ने कहा कि पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग ने अपनी रिपोर्ट को प्रदेश की जनता के सामने रख दिया है। भाजपा सरकार पूरी ताकत से पिछड़ा वर्ग के साथ खड़ी है। यदि कांग्रेस ने गलती नहीं की होती तो आज ओबीसी वर्ग को आरक्षण संबंधी दिक्कत नहीं आती। मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग ने पिछड़ा वर्ग के लिए 35% स्थान आरक्षित करने की सिफारिश के साथ रिपोर्ट सौंपी है। संभवतः मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य होगा जिसने पिछड़ा वर्ग के लिए 35% आरक्षण की मांग की है। राज्य सरकार आयोग की रिपोर्ट को कोर्ट में रखेगी।

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