पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का प्रदेश के मुखिया को पत्र 

भोपाल
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता उमा भारती (Uma Bharti) के रविवार को राजधानी भोपाल में एक शराब की दुकान में पत्थर मारकर शराब की बोतलों तोडने के बाद प्रदेश की सियासत गर्मा गई है। एक तरफ उमा भारती के शराबबंदी अभिायन के तहत इस घटनाक्रम से बीजेपी में भोपाल से लेकर दिल्ली तक हलचल तेज हो गई है, वही दूसरी तरफ कांग्रेस ने इसका समर्थन किया है। इसी बीच आज सोमवार 14 मार्च को सीएम शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने महिलाओं और बच्चियों के हक की बात कहीं है।

उमा ने सीएम को पत्र में लिखा है कि मैंने डेढ साल पहले आपसे चर्चा की थी और आपकी तरफ से सकारात्मक जवाब मिला था कि मैं इस जागरुकता अभियान करुं और प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी इसी तरह का मिलता जुलता जवाब दिया था। मेरा मानना है कि शराबबंदी की पहल पहले मप्र सरकार करें और समाज सरकार का साथ दें, क्योंकि सरकार की रजामंदी से ही दुकानें खोली जाती है। गंगा यात्रा के बाद मैंने आपने मिलना का समय मांगा, लेकिन आप ही सम्मान पूर्वक मुझसे मिलने आए।आपने मुझे सुझाव दिया था कि नशा मुक्ति और शराबबंदी को लेकर सामाजिक अभियान चलाया जाए, जिसमें सरकार भी साथ देगी।

उमा ने आगे लिखा है कि मैं रविवार को भोपाल के बरखेड़ी पठानी के आजाद नगर गई, जहां बस्ती, स्कूल और मंदिर के आसपास शराब दुकानें बनी हुई है, जिसके विरोध में यहां की महिलाएं कई बार धरना, प्रदर्शन और शिकायतें कर चुकी है, पिछले 3 साल से हर बार प्रशासन आश्वासन देता है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। महिलाओं ने मुझे बताया कि जब भी बच्चियां या महिलाएं बाहर जाती है तो पुरूष शराब पीकर उनकी तरफ देखकर लघुशंका करते है। इतना सुनने के बाद मैं तुरंत मुड़ी और शराब की दुकान पर एक पत्थर दे मारा।सरकार को तुरंत ही निषिद्ध और वर्जित जगहों पर स्थित शराब दुकानों और आहातों को बंद कर देना चाहिए।वही मैं भी एक महिला हूं और महिलाओं के सम्मान के लिए मैंने यह किया। मैं आपकी बात से सहमत हूं कि सामाजिक सस्थाएं और सरकार जागरुकता अभियान चलाएगी तो मैं भी समर्थन करुंगी।

बता दे कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले उमा भारती के तेवर भी बदले बदले नजर आ रहे है। रविवार को हुए इस घटनाक्रम के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है और कई मायने निकाले जा रहे है। इससे कयास लगाया जा रहा है कि उमा 2023 के विधानसभा या 2024 के लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश से दावेदारी ठोक सकती है।हालांकि बीते दिनों वे संकेत भी दे चुकी है कि वो 2024 में चुनाव लड़ेंगी।अब उमा का अगला एक्शन क्या होता है और इस पर शिवराज सरकार का रिएक्शन क्या होता है यह देखने वाली बात होगी।

Related Articles

Back to top button