कमलनाथ चलेंगे दिग्विजय के 24 साल पुराने फार्मूले पर

भोपाल

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने जिस फार्मूले पर उन्होंने 1998 में दोबारा सरकार बनाने में सफलता पाई थी, उसी फार्मूूले पर चलकर कमलनाथ भी 2023 में सत्ता तक पहुंचने का रास्ता बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से स्थानीय समीकरण साधेगी। निर्वाचित प्रतिनिधियों को विधाानसभा चुनाव की दृष्टि से प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए नवंबर के प्रथम सप्ताह में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने राज्य स्तरीय सम्मेलन करेंगे। इसमें इन्हें ग्रामीण क्षेत्रों की विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। साथ ही जिन प्रतिनिधियों का प्रदर्शन छह माह में अच्छा रहेगा, उन्हें चुनाव भी लड़ाया जा सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने 1998 के विधानसभा चुनाव में इसी फामूर्ले को अपनाया था। उन्होंने जिला और जनपद पंचायत के पदाधिकारी और सदस्यों को चुनाव लड़वाया था और कुछ जीतकर भी आए थे। इनकी जीत के बाद ही दिग्विजय सिंह दूसरी बार सत्ता पर काबिज हुए थे।। इस बार भी ठीक इसी फार्मूले पर पार्टी ऐसे पंचायत प्रतिनिधि या प्रत्याशी जो विधानसभा क्षेत्र में मतदान केंद्र पर अच्छा काम करके बताते हैं और कमल नाथ के सर्वे में उनका नाम आता है तो उन्हें चुनाव लड़ाया जा सकता है। गौरतलब है कि प्रदेश में इस वक्त दस जिला पंचायत और 65 जनपद पंचायतों में अध्यक्ष कांग्रेस समर्थित नेता ही हैं। वहीं कुल 286 सदस्य कांग्रेस समर्थित हैं।

इसलिए हो रही कवायद
दरअसल, यह पूरी कवायद इसलिए हो रही है कि पार्टी नेताओं का मानना है कि पंचायत चुनाव में जो प्रत्याशी जीतें हैं उनका स्थानीय स्तर पर प्रभाव होने के साथ सामाजिक और राजनीतिक समीकरण साधने का उसे अन्य नेताओं की तुलना में अधिक अनुभव है। इसका लाभ पार्टी को विधानसभा चुनाव में मिल सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ निर्वाचित प्रतिनिधियों और प्रत्याशियों का राज्य स्तरीय सम्मेलन करेंगे। इसमें विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा की जाएगी।

पंचायत प्रकोष्ठ करेगा सम्मेलन
प्रदेश कांग्रेस के पंचायत प्रकोष्ठ को यह सम्मेलन करवाने की जिम्मेदारी दी गई है। कमलनाथ के पास इस प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डीपी धाकड़ ने जिला एवं जनपद पंचायत के प्रतिनिधियों के साथ ही कम अंतर से चुनाव हारे प्रत्याशियों की जानकारी दी है।

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