Latest Bhopal News : विभा पटेल बोलीं – राशन माफिया और सरकारी गठजोड़ से गरीबों तक नहीं पहुंच रहा अनाज

Bhopal News : विभा पटेल ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत 81.3 करोड़ गरीबों को एक साल यानी 2023 तक मुफ्त राशन देने के फैसले को राजनीतिक बताया है।

Bhopal News : उज्जवल प्रदेश, भोपाल. मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व महापौर विभा पटेल ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत 81.3 करोड़ गरीबों को एक साल यानी 2023 तक मुफ्त राशन देने के फैसले को राजनीतिक बताया है। विभा पटेल ने कहा कि निकट भविष्य में कुछ राज्यों में विधानसभा और इसके बाद लोकसभा चुनाव होना है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने ये फैसला किया है। लेकिन सच तो यह है कि इसी योजना के तहत मध्य प्रदेश के कई जिलों में राशन माफिया ताकतवर हुआ है। सरकारी तंत्र से उसके गठबंधन के कारण गरीबों के मुंह से उनका निवाला छीना है।

राशन माफिया के आगे सभी व्यवस्थाएं फेल हैं। सरकार में अपनी पैठ बनाकर गरीबों के हक पर डाका डालने वाले राशन माफिया की जड़ें इतनी मजबूत हैं कि वे अपने आगे किसी को टिकने नहीं देते। विभा पटेल ने कहा कि ऐसी शिकायतें आम है कि किसका कार्ड बनना है किसका निरस्त होना, यह सब राशन माफिया तय करते हैं।

काबिले गौर है कि जब कोई हितग्राही इसके खिलाफ आवाज बुलंद करता है, तो उसे धमकियां दी जाती हैं। साथ ही राशन माफिया यह कहते नहीं थकता कि जहां चाहो शिकायत करो उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते। उन्हें तो नेताओं को खुश करना आता है।

वहीं ऐसी भी शिकायतें सुनने को मिली हैं कि भोपाल समेत बैतूल, छिंदवाड़ा, जबलपुर, कटनी, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, पन्नाा, रायसेन, रीवा, सतना, सिवनी, सीधी, सिंगरौली सहित करीब 20 जिलों के लाखों गरीब परिवारों को मुफ्त में मिलने वाले गेहूं का वितरण पांच माह से बंद है।

विभा पटेल ने कहा कि गरीबों के लिए पहली उज्जवला गैस योजना लाई गई, उसका क्या हश्र हुआ ये किसी से छिपा नहीं है। पेट्रोल की तरह गैस की कीमतों में भी बढ़ोतरी होने से हितग्राही उज्जवला योजना के तहत फ्री में मिले गैस सिलेंडर को भरवा नहीं पा रहे हैं। यह सभी निराश्रित हैं। सामाजिक सुरक्षा एवं राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन पर निर्भर हैं।

सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में पता चला है कि मार्च 2021 तक जो कनेक्शन दिए गए थे, उनमें से 65 लाख लोगों ने 2021-22 में सिलेंडर नहीं भरवाया। आईओसीएल ने बताया कि इसी फाइनेंशियल ईयर में 52 लाख लोगों ने एक ही बार सिलेंडर बरवाया है।

इसी तरह से एचपीसीएल ने बताया कि 2021-22 में 27.58 लाख लोगों ने एक ही बार सिलेंडर भरवाया। साथ ही बीपीसीएल ने कहा कि 28.56 लाख लोगों ने ही साल 2021-22 में अपना सिलेंडर भरवाया। इसके साथ ही 15.96 लाख लोगों ने कोई सिलेंडर नहीं भरवाया।

सरकारी क्षेत्र की कंपनियों ने जानकारी दी कि उज्जवला योजना के तहत 90 लाख लोगों ने दोबारा सिलेंडर नहीं भरवाया। इसका उल्लेख इसलिए आवश्यक है कि मोदी सरकार अर्थ व्यवस्था किए बगैर ऐसी योजनाएं बनी रहीं है, जिसका लाभ गरीब, सुपात्र व्यक्ति नहीं उठा पा रहा है। ऐसी योजनाएं गरीबों के साथ क्रूर मजाक है। गरीबी का उपहास उड़ाती है। विभा पटेल ने कहा कि सस्ती लोकप्रियता पाने की खातिर मोदी सरकार भ्रामक प्रचार कर रही है।

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