राहुल गांधी POK में निकालें Bharat Jodo Yatra, तभी जुड़ेगा भारत-उमा भारती

राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रही कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा पर भाजपा नेता उमा भारती ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भारत में इस यात्रा को निकालने की जगह पीओके में इसे निकालना चाहिए।

बालाघाट
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती (Uma Bharti attack Rahul Gandhi) ने राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रही कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि देश में इस यात्रा की कोई जरूरत नहीं है। भारती ने इसी के साथ हिंदू धर्म को लेकर एक बयान दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास भगवान राम, हनुमान या हिंदू धर्म पर ‘पेटेंट’ नहीं है और कोई भी उन पर विश्वास कर सकता है, लेकिन हमारी आस्था राजनीतिक लाभ से परे है।

राहुल POK में निकालें भारत जोड़ो यात्रा

भारती ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के मकसद पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, भारत कहां टूट रहा है? भारती ने कहा कि भाजपा नीत राजग सरकार ने अनुच्छेद 370 (जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त करना) को हटा दिया है और भारत को पूरा जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को यह यात्रा पीओके में करनी चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में कांग्रेस का सफाया हो जाएगा।

हमने तो अनुच्छेद 370 हटाकर उसे जोड़ लिया है। हम तो जोड़ने का काम कर रहे हैं। राहुल अगर सिंसियर हैं, भारत जोड़ो के लिए तो एक चीज जोड़ना बहुत जरूरी है। पाक अधिकृत कश्मीर। इसलिए राहुल को संदेश भेजती हूं कि भारत जोड़ने में एक चीज शेष है, वह है पाक अधिकृत कश्मीर। कृपया इस यात्रा को वहां तक ले जाइए, उसे जोड़कर ही वापस लौटिए… नहीं तो मत लौटिए।

मधुशाला नहीं… गौशाला

उमा ने आगे कहा- वे आज से नई बात कहना शुरू कर रही हैं। शराब नहीं, देशी गाय का दूध पीयो। मधुशाला से गौशाला की ओर चलो। मधुशाला बंद करो, गौशाला खोलते जाओ। वह गाय, जिन्हें किसान रखने में समर्थ थे, वह खत्म हो गए। चरवाहे नहीं बचे, गाय को बांधने की जगह नहीं रही। इन तीनों की व्यवस्था करनी पड़ेगी। गाय सहारा देती है बोझ नहीं बनती। ऑर्गेनिक खेती मध्यप्रदेश में तेजी से बढ़ी है। इसमें सरकार का योगदान रहा है, जितनी ऑर्गेनिक खेती बढ़ेगी, उतनी ही गाय की रक्षा बढ़ेगी।

मैं कोई बड़ी नेता नहीं हूँऔर ना मैं इस गुमान में रहती। ना ही मुझे कोई सराहना चाहिये और ना ही तवज्जो। मैं राजनीतिक जीवन में 11 साल केन्द्र में मंत्री रही, 6 लोकसभा चुनाव जीते है और 2 राज्यो में विधानसभा चुनाव को जिताये है लगता है वह कोई ओर उमा भारती थी। मैं सामान्य बुद्धि की, अक्ल नहीं शक्ल नहीं, बोलने का तरीका नहीं है, पर जनता जनार्दन की कृपा है। मैं जो चाहती हुॅ वह कर लेती हूँ, मां गंगा पर सोचा तो मंत्रालय बन गया। शराब पर सोचा तो शिवराज सहमत हो गये। शिवराजसिंह ने तो शराब के खिलाफ जनअभियान चलाकर रिकॉर्ड बना दिया। जिनका अभिनंदन होना चाहिये। मैं यह विनम्रता का प्रदर्शन नहीं कर रही हूँ, मुझे घमंडी मानते है लेकिन मैं निष्ठावान और दृढ़निश्चयी हुॅं जो मुझे सही लगता है, मैं मानती हूँ कि उस रास्ते को मुझे नहीं छोड़ना।

आरक्षण ना केवल शासकीय बल्कि प्रायवेट सेक्टर में भी मिलना चाहिये

आरक्षण के सवाल पर उन्होंने कहा कि गरीब स्वर्ण को भी 10 प्रतिशत का आरक्षण मिलना चाहिये और यह आरक्षण ना केवल शासकीय बल्कि प्रायवेट सेक्टर में भी मिलना चाहिये। उन्होंने कहा कि आरक्षण पर मतभेद होने के बाद लोग कोर्ट जायेंगे और कोर्ट तथ्यों, तर्को और संवैधानिक मर्यादाओं के तहत काम करता है और एसटी, एससी ओर ओबीसी के आरक्षण को कम नहीं किया जा सकता है। मेरा मानना है कि पूरी दुनिया अभावग्रस्तस और सुविधायुक्त लोगों के बीच बंट गई है। एक तरफ गरीब एसटी, एससी, ओबीसी और स्वर्ण है, जबकि दूसरी ओर प्रायवेट और शासकीय अस्पताल या प्रायवेट या शासकीय स्कूल जाने वाले लोग है।

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