National Political News: शरद पवार मानेंगे या चुना जाएगा वारिस? मुंबई में पैनल लेगा अध्यक्ष पर फैसला

National Political News: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के चीफ शरद पवार के इस्तीफे के बाद आज मुंबई में पार्टी की अहम बैठक हो रही है. अगर शरद पवार इस्तीफा वापस लेने के लिए नहीं मानते हैं तो इस बैठक में पवार के उत्तराधिकारी को लेकर फैसला हो सकता है.

National Political News: उज्जवल प्रदेश,मुंबई . महाराष्ट्र की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम है। सभी की निगाहें होने वाली एनसीपी की कमेटी की बैठक पर टिकी हैं। इस कमेटी ने आज यह फैसला लेना है कि शरद पवार के बाद एनसीपी की कमान किसके हाथ में होगी। शरद पवार ने ही एनसीपी के नए अध्यक्ष के चुनाव पर फैसला करने के लिए किया था। यह पैनल दक्षिण मुंबई में एनसीपी के मुख्यालय में सुबह बैठक करेगा। इस बीच ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि क्या शरद पवार ऐन वक्त में अपना फैसला बदल सकते हैं? पवार ने गुरुवार को हिंट भी दिया था कि वह फैसले पर पुनर्विचार कर सकते हैं और जल्दी ही फैसला लेंगे।

शुक्रवार को एनसीपी के नए सर्वेसर्वा के चयन से लेकर शरद पवार के अगले मूमेंट पर सभी की नजरें टिकी हैं। यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि गुरुवार को पवार ने संकेत दिया था कि वह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद से हटने के अपने फैसले पर पुनर्विचार कर सकते हैं। पवार ने कहा कि वह जल्द ही फैसला लेंगे और यह पार्टी कार्यकर्ताओं को ‘स्वीकार्य’ होगा। उन्होंने कहा, “मेरे इस्तीफा देने के बाद राज्य के बाहर से कई सहयोगी मुझसे मिलने आए हैं। मैं शाम उनसे मिलूंगा। एक बार जब यह बैठक खत्म हो जाएगी, तो अगले 1-2 दिनों में फैसला लिया जाएगा।”

नेतृत्व रखना जारी रखेंगे पवार

पवार ने मुंबई में समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि आपकी भावना को ध्यान में रखते हुए लिया जाना चाहिए। आपको (पार्टी कार्यकर्ताओं को) इस तरह नहीं बैठना पड़ेगा।” उधर, एनसीपी के अंदरूनी सूत्रों ने संकेत दिया है कि पवार किसी न किसी रूप में पार्टी का नेतृत्व करना जारी रख सकते हैं। हालांकि इसमें फेरबदल की भी बात चल रही है। क्या इसका मतलब बेटी सुप्रिया सुले और भतीजे अजीत पवार के लिए एक बड़ी भूमिका है, यह देखा जाना बाकी है।

अजित को नजरअंदाज करना मुश्किल

पवार समर्थकों का मानना ​​है कि अजीत को किसी तरह समायोजित करने की जरूरत है। अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि एक धारणा बनाई गई है कि अजीत जल्दबाजी में हैं और उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है और उन्हें किसी तरह शांत किया जाना चाहिए।

कैसे शांत होंगे अजित

पवार के करीबी माने जाने वाले छगन भुजबल ने बुधवार को अपनी भावनाओं को जाहिर किया जब उन्होंने सुझाव दिया कि अजित को एनसीपी की महाराष्ट्र इकाई का नेतृत्व दिया जाना चाहिए। अजित ने भी पार्टी के निर्माण में बड़ी भूमिका निभाई है और विधायकों का एक बड़ा वर्ग अजित के प्रति वफादार माना जाता है। यह एक कारण है कि शरद पवार ने भाजपा के साथ मेलजोल के बावजूद अजित के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। एक सूत्र ने कहा कि अजित के खिलाफ कार्रवाई से पार्टी खुद ही अस्थिर हो सकती है।

सुप्रिया सुले

शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले इस समय बारामती से लोकसभा सांसद हैं. सुले सितंबर 2006 में महाराष्ट्र से राज्यसभा के लिए चुनी गईं. संसद में वह कई अहम मुद्दों को लेकर सरकार को घेरती रही हैं. जब पवार ने लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया तो उन्होंने अपनी राजनीतिक विरासत एक तरह से बेटी को सौंप दी और पंरपरागत सीट बाराबती से उम्मीदवार बनाया. छगन भुजबल और पार्टी के वरिष्ठ नेता मानते हैं कि सुप्रिया सुले इस पद के लिए सबसे अधिक उपयुक्त हैं.

सुप्रिया की छवि कार्यकर्ताओं के बीच मिलनसार, सौम्य और शांत स्वभाव की रही है. विवादित मुद्दे हों या अजित पवार को लेकर बयान, हर बार उन्होंने बखूबी से मीडिया के सामने निर्विवाद रूप से अपनी बात रखी है. इसके अलावा सुप्रिया केंद्र की राजनीति में सक्रिय है और तमाम विपक्षी नेताओं से उनके सहज रिश्ते रहे हैं.

अजित पवार

शरद पवार के भतीजे और महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री अजित पवार का नाम भी अध्यक्ष पद के रेस में शामिल है. जब शरद पवार ने इस्तीफा दिया था तो तमाम नेता उनसे इस्तीफा लेने का आग्रह कर रहे थे, लेकिन दूसरी तरफ अजित पवार ने कहा था, ‘..पवार साहब ने फैसला लिया है और वह इसे वापस नहीं लेंगे. पवार साहब हमेशा एनसीपी परिवार के मुखिया रहेंगे. जो भी नया अध्यक्ष होगा वह पवार साहब के मार्गदर्शन में ही काम करेगा.’ इस बयान के भी निहितार्थ निकाले जा रहे थे.

अजित पवार अभी तक राज्य की राजनीति में ही सक्रिय हैं. कहा जाता है कि उनके नाम को लेकर पार्टी के बड़े नेता एकमत नहीं हैं. दूसरी तरफ ये बात भी सामने आई कि नए नेताओं को अजित पवार पंसद हैं. एनसीपी के अधिकांश विधायक ग्रामीण इलाकों से आते हैं और अधिकतर विधायक अजित पवार को पसंद करते हैं. हालांकि जब उन्होंने 2019 में फडणवीस के साथ मिलकर सरकार बनाने का प्रयास किया तो वो विधायकों को अपने पाले में नहीं कर सके थे और इसे लेकर उनकी काफी किरकिरी भी हुई थी. गौर करने वाली बात ये है कि इसके बावजूद वह महाविकास अघाड़ी सरकार में उप मुख्यमंत्री बने थे.

परिवार के इतर कौन

अजित पवार या सुप्रिया सुले के अलावा एनसीपी के नए अध्यक्ष को लेकर परिवार के बाहर से भी कुछ नाम आ रहे हैं जिनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल और पूर्व कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल के नाम शामिल हैं. प्रफुल्ल पटेल केंद्र में मंत्री रहे हैं और पवार के करीबी नेताओं में शामिल हैं. हालांकि चार बार लोकसभा और तीन बार राज्यसभा सांसद रह चुके प्रफुल्ल पटेल साफ कर चुके हैं कि वह ना तो दावेदार हैं और ना ही जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हैं.

वहीं छगन भुजबल पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर वह राज्य के उप मुख्यमंत्री तक रह चुके हैं. ओबीसी समुदाय से ताल्लुक रखने वाले भुजबल पिछली महाविकास अघाड़ी सरकार में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री थे. इसके अलावा, NCP महाराष्ट्र के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल का नाम भी अध्यक्ष पद के लिए लिया जा रहा है जो लगातार 6 बार विधायक रह चुके हैं और 9 बार महाराष्ट्र का बजट पेश कर चुके हैं. वोटरों क

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