हाशिये पर आए नेताओं की पूछ परख बढेÞगी बीजेपी में, कार्यकर्ता ही संगठन की रीढ़

भोपाल

आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा सत्ता और संगठन अपनी रणनीति बनाने के लिए जुट गया है। पार्टी उन कार्यकर्ताओं और नेताओं पर भी फोकस कर रही है जो भाजपा से किसी ने किसी कारण नाराज है। राष्टÑीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने भी उन्हें मनाने के संकेत आज रातापानी में हुई बैठक में दिए हैं।

प्रदेश में आगामी चुनाव के मद्देनजर भाजपा अपने उन कार्यकर्ताओं और नेताओं की पूछ-परख पर जोर देगी जो हाशिये पर हैं और किसी न किसी कारण से पार्टी से रुष्ट हैं। ऐसे कार्यकर्ताओं, नेताओं को मान मनौव्वल कर जिम्मेदारी सौंपने के निर्देश भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष की मौजूदगी में हुई बैठक में प्रदेश संगठन को दिए गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि संगठन की रीढ़ कार्यकर्ता होते हैं, इसलिए इन्हें सम्मान देने का काम सत्ता और संगठन को करना है।

भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की मौजूदगी में हुई बैठक में यह चर्चा भी हुई है कि अगले साल होने वाले चुनाव के लिए किस तरह की रणनीति अपनाकर जनता के बीच पहुंचना है। बीजेपी आगामी चुनाव में प्रदेश में महाकाल लोक को भी चुनावी मुद्दा बना सकती है और प्रधानमंत्री 11 अक्टूबर को इसका लोकार्पण करने के लिए उज्जैन आ रहे हैं। इसलिए रातापानी सेंक्चुरी के जंगल में हुई बैठक में इस पर चर्चा हुई है। पार्टी की कोशिश है कि इस कार्यक्रम के जरिये प्रदेश के हर गांव में धार्मिक माहौल तैयार किया जाए। बताया जाता है कि इस बैठक में बूथों के डिजिटलीकरण के बाद अब यहां नियमित बैठकों और उसकी सक्रियता को लेकर भी चर्चा हुई है। इसके लिए अब सालभर तक लगातार संगठनात्मक बैठकों को बूथ स्तर तक ले जाने पर भी फोकस किया जाएगा। बैठक में सत्ता और संगठन के तालमेल पर भी चर्चा हुई है। इस बैठक में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर छिंदवाड़ा सीट को लेकर चर्चा हुई और वहां वोट प्रतिशत बढ़ाने को लेकर रणनीति बनाने और दौरे कराने के लिए कहा गया। इसके साथ ही जिन लोकसभा सीटों पर कम मार्जिन से भाजपा को जीत मिली है वहां भी पार्टी की गतिविधियां तेज करने के लिए कहा गया है।

ये रहे मौजूद
बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री संतोष, सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव, सह प्रभारी रामशंकर कठेरिया के अलावा केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, ज्योतिरादित्य सिंधिया, फग्गन सिंह कुलस्ते, प्रह्लाद पटेल, मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा, भूपेंद्र सिंह समेत अन्य नेताओं की मौजूदगी इस बैठक में रही। बैठक के बाद शाम को बीएल संतोष के अलावा सभी नेताओं के वापस जाने का कार्यक्रम है जबकि प्रदेश प्रभारी इंदौर में कल बैठकें और धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। संतोष अलग से भी बैठक के लिए रुक सकते हैं।

हिन्दुत्व और ट्रायबल माइग्रेशन पर भी चर्चा
रातापानी के जंगल में हुई बैठक में प्रदेश में हिन्दुत्व की पढ़ाई कराने के लिए विद्यापीठ खोलने और इसे बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। नगरीय निकाय के चुनावों में बीजेपी ने ट्राइबल बेल्ट में कांग्रेस की कई परंपरागत नगर पालिका और नगर परिषदों को जीतने में कामयाबी हासिल की है। इसके बावजूद यह माना जा रहा है कि बैठक में अगले विधानसभा चुनाव के लिहाज से आदिवासी वर्ग को साधना जरूरी है। इसलिए आदिवासियों को साधने पर भी चर्चा होगी। संगठन की रणनीति में ट्रायबल का माइग्रेशन रोकना भी अहम मुद्दा है। इस पर भी चर्चा की गई है।

निगम मंडल नियुक्तियों पर मंथन
प्रदेश में अब पंचायत और नगरीय निकाय के चुनाव हो चुके हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि दिन भर होने वाली बैठक में रिक्त निगम मंडलों में नियुक्तियां और कार्यकर्ताओं के एडजस्टमेंट पर भी चर्चा होगी। ऐसा करके पुराने कार्यकर्ताओं को सम्मान देने और उनका उपयोग संगठनात्मक कार्यों में करने पर फोकस किया जा सकेगा।

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