कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव में नहीं आए दिक्कत, सोनिया गांधी दूसरे असन्तुष्ट नेताओं से भी कर सकती हैं बात

नई दिल्ली।

कांग्रेस नेतृत्व पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में शर्मनाक हार के बाद पार्टी के अंदर उठ रहे सवालों को लेकर चिंतित है। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व एक बार सभी को साथ लेकर चलने की कोशिश कर रहा है। ताकि पार्टी के अंदर चल रही संगठन चुनाव की प्रकिया के तहत नए अध्यक्ष के चुनाव में किसी तरह की कोई दिक्कत न आए। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर विधानसभा चुनाव में हार के कारणों पर विचार करने के लिए बुलाई गई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कई असन्तुष्ट नेताओं से मुलाकात की है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष ने कुछ नेताओं से मुलाक़ात की है। वह बाकी असन्तुष्ट नेताओं से भी जल्द मुलाकात करेंगी।

पार्टी नेता ने कहा कि महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण को भी समय दिया गया था। पर, किसी व्यस्तता के कारण उनकी मुलाकात नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष सभी असन्तुष्ट नेताओं से मिलकर पार्टी को नए सिरे से मजबूत बनाने के बारे में उनकी राय लेना चाहती हैं, ताकि संगठन में आवश्यक बदलाव करते वक़्त उनके सुझावों का भी ध्यान रखा जाए।
 
विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी में आवश्यक बदलाव की प्रक्रिया जारी है। असन्तुष्ट नेताओं की मनाने की कोशिशों के तहत कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पिछले दिनों वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, मनीष तिवारी और विवेक तनखा से मुलाक़ात की है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष चिंतन शिविर के एजेंडा और दूसरे विषयों पर चर्चा के लिए कार्यसमिति के सदस्यों की समिति का गठन कर सकती है।

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