आज महाराष्ट्र विधान परिषद की 10 सीटों के लिए मतदान

मुंबई
महाराष्ट्र विधान परिषद की 10 सीटों के लिए आज होने वाला चुनाव 29 के फेर में फंसा है। 13 निर्दलीय और छोटे दलों के 16 विधायक ही 10 सीटों के लिए खड़े 11 उम्मीदवारों के भाग्य में हार-जीत लिखेंगे। यह चुनाव न सिर्फ उम्मीदवारों, बल्कि महा विकास आघाडी और बीजेपी के लिए भी प्रतिष्ठा का प्रश्न है।

इससे पहले राज्यसभा के चुनाव में बीजेपी आघाडी को शिकस्त दे चुकी है, इसलिए इस बार सरकार बदला चुकाने की पुरजोर कोशिश में है। राज्यसभा की तरह विधान परिषद का चुनाव खुले मतदान से न होकर गुप्त मतदान से होना है, इसलिए हर किसी को क्रॉस वोटिंग का डर सता रहा है। विधानसभा का संख्या बल भी इस तरह का है कि 10वीं सीट के लिए संघर्ष होना ही है। इस संघर्ष में 13 निर्दलीय और छोटे दलों के 16 विधायकों में से ज्यादा से ज्यादा वोट जिसे मिलेंगे, वही विजयश्री हासिल करेगा। 10वीं सीट के लिए मुकाबला बीजेपी के प्रसाद लाड और कांग्रेस के भाई जगताप के बीच है। अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने और क्रॉस वोटिंग से बचाने के लिए चारों पार्टियों ने विधायकों को होटेल्स में रख छोड़ा है।

बैठकों का दौर, वोटिंग के सबक
राज्यसभा चुनाव में वोटिंग नियमों के उल्लंघन को लेकर बड़ा घमासान हुआ था। रात 3 बजे तक दिल्ली में चुनाव आयोग को मशक्कत करनी पड़ी थी। इसके बाद शिवसेना के सुहास कांदे का वोट रद्द कर दिया गया था। इसीलिए, इस बार विधान परिषद चुनावों के लिए सभी पार्टियां ज्यादा सतर्कता बरत रही हैं। बड़े और अनुभवी नेता विधायकों के साथ बैठकें कर रहे हैं। उन्हें वोट कैसे डालना है, इसके सबक सिखाए जा रहे हैं। एनसीपी की तरफ से खुद उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने मोर्चा संभाला हुआ है, वहीं बीजेपी की कमान देवेंद्र फडणवीस के हाथ है। शिवसेना के विधायकों से खुद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बात की है और शिवसेना का एक भी विधायक न टूटने का दावा किया है। इधर, आदित्य ठाकरे होटेल में विधायकों के साथ हैं। कांग्रेस ने भी अपने विधायकों को एक साथ रखा है।

बार-बार विरार के चक्कर
विधान परिषद चुनाव में हितें
द्र ठाकुर की पार्टी बहुजन विकास आघाडी के तीन विधायकों के वोट बहुत मूल्यवान हो गए हैं, इसलिए बीजेपी, कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं, विधायकों और उम्मीदवार बार-बार विरार जा रहे हैं। रविवार को एनसीपी के उम्मीदवार एकनाथ खडसे ने विरार जाकर हितेंद्र से एक घंटे तक बंद कमरे में मुलाकात की। हितेंद्र के विधायक पुत्र क्षितिज ठाकुर इन दिनों विदेश में हैं, जिन्हें बुलाने और अपने पक्ष में मतदान कराने का आग्रह भी नेता कर रहे हैं। हालांकि, हितेंद्र ने रविवार को मीडिया से कहा कि क्षितिज सोमवार को मतदान के लिए मुंबई आ पाएंगे, इसकी गारंटी वह नहीं दे सकते। सूत्रों का कहना है कि वह मतदान का समय खत्म होने से पहले मुंबई आ जाएंगे।

26 का कटऑफ कोटा
विधानसभा में 285 विधायक मतदान करने वाले हैं, क्योंकि शिवसेना के एक विधायक का निधन हो चुका है। एनसीपी के दो विधायकों अनिल देशमुख और नवाब मलिक जेल में हैं। अगर क्षितिज विदेश से नहीं लौटते, तो 284 विधायक ही मतदान करेंगे। ऐसे में मतों का कटऑफ कोटा 26 हो जाएगा।

किसकी, कितनी ताकत
बीजेपी के पास 106, शिवसेना के पास 55, एनसीपी के पास 52 और कांग्रेस के पास 44 विधायक हैं। बीजेपी ने चुनाव में 5 उम्मीदवार उतारे हैं और वह अपने संख्या बल के दम पर चार सीटों पर जीत हासिल कर सकती है, जबकि दो-दो उम्मीदवार उतारने वाली शिवसेना और एनसीपी को दो-दो सीटों पर जीत मिल सकती है। हालांकि, 2 उम्मीदवार उतारने वाली कांग्रेस अपने संख्या बल के दम पर केवल एक सीट जीत सकती है। दूसरी सीट पर जीत हासिल करने के लिए उसे निर्दलीय सदस्यों और छोटे दलों का समर्थन हासिल करना होगा। एमआईएम, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय समाज पार्टी, शेकाप और बहुजन विकास आघाडी के मिलाकर 9 विधायक हैं। मुख्य रूप से यही बीजेपी के प्रसाद लाड और कांग्रेस के भाई जगताप का फैसला करेंगे।

ये हैं उम्मीदवार

    शिवसेना सचिन अहीर, आमशा पडवी
    एनसीपी रामराजे निबांलकर, एकनाथ खडसे
    कांग्रेस चद्रकांत हंडोरे, भाई जगताप
    बीजेपी प्रवीण दरेकर, राम शिंदे, श्रीकांत भारतीय, उमा खापरे, प्रसाद लाड

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button