नवरात्र में मां को खुश करने के लिए फॉलो करें ये वास्तु टिप्स

शारदीय नवरात्र आरंभ हो रहे हैं। पौराणिक मान्यातओं के अनुसार नवरात्र के पूरे नौ दिन मां दुर्गा की पूजा की जाती है और व्रत रखे जाते हैं। हिंदू धर्म में इस पर्व का खास महत्व है। पूरे भारत में ये 9 दिन हर जगह से मां के जयकारों की गूंज सुनाई देती है।

नवरात्र के ये 9 दिन मां के नौ अलग-अलग रूपों को समर्पित है। लोग पूरी श्रद्धा से मां के इन रूपों की पूजा करते हैं। मान्यता है कि इन दिनों में की गई पूजा से मां दुर्गा बहुत प्रसन्न होती हैं और खुश होकर अपने भक्तों की झोली भरती हैं। नवरात्र के आखिरी दिन नौ कन्याओं के पूजन का भी ज्योतिष की नज़र में बहुत महत्व है। ज्योतिष के अनुसार अगर कोई पूरे नवरात्र में मां के व्रत न रख सकता हो वो नवरात्र के पहले और आखिरी दिन व्रत करके पूरे नौ दिनों का फल प्राप्त कर सकता है। वास्तु शास्त्र के कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इन दिनों में वास्तु की कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी होता है। तो आइए जानते हैं इससे संबंधित कुछ खास बातें-

सबसे पहले इस बात का ध्यान रखें कि आप जिस भी जगह मां की पूजा कर रहे हैं, वो जगह साफ-सुथरी हो।

घर के मुख्य द्वार पर हल्दी व चुने से स्वास्तिक बनाएं। एेसा करने से घर में मौज़ूद सारी नकारात्कता दूर हो जाती है।

मां के पूजन के समय भक्त का मुख पूर्व या उत्तर की तरफ होना शुभ माना जाता है। इसके विपरीत दिशाओं में बैठकर मां का पूजन करना शुभ नहीं अशुभ फल प्रदान करता है।

नवरात्र के इन नौ दिनों में मां के नौ रूपों को लाल रंग की चुनरी, सुहाग आदि का सामान अर्पित करना बहुत अच्छा माना जाता है।

वास्तु के अनुसार कलश की स्थापन ईशाण कोण की दिशा में करनी चाहिए। इसी के साथ इसी दिशा में मां की तस्वीर लगाना भी शुभ माना जाता है।

इतना तो सबको पता ही होगा कि इन दिनों घर के पूजा स्थल में मां की स्थापना की जाती है और पूरे नौ दिन उनके नाम की अखंड ज्योति प्रजवलित की जाती है। लेकिन अगर हो सके तो कोशिश करें कि मां की स्थापना चंदन की चौंकी पर हो। ज्योतिष और वास्तु दोनों के मुताबिक एेसी करना बहुत शुभ माना जाता है।

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