हर्ष योग और हस्त-चित्रा के संयोग में मनेगा हनुमान जन्मोत्सव

नई दिल्ली
 अष्ट सिद्धि और नव निधियों के दाता, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के परम सेवक हनुमानजी का जन्मोत्सव चैत्र पूर्णिमा 16 अप्रैल 2022 शनिवार को मनाया जाएगा। इस दिन हर्ष योग, हस्त-चित्रा नक्षत्र का संयोग बन रहा है। जिसमें हनुमानजी का पूजन जीवन में सुख-समृद्धि, हर्षोल्लास और लक्ष्मी की प्राप्ति करवाएगा। हनुमान जन्मोत्सव के दिन शनिवार होने से यह शनि की कृपा पाने का भी विशेष दिन है। इस दिन शनि की साढ़ेसाती, ढैया वालों को हनुमानजी का पूजन विशेषतौर पर करना चाहिए। इसी दिन से वैशाख स्नान भी प्रारंभ हो जाएगा। हनुमानजी को प्रसन्न करने के लिए इस दिन उन्हें सिंदूर का चोला चढ़ाएं, श्रीफल, गुड़, चने-चिरौंजी, हलवे आदि का नैवेद्य लगाएं और सुंदरकांड, हनुमान चालीसा, हनुमान बाहु अष्टक, बजरंग बाण आदि का पाठ करें।

हनुमानजी का पूजन करने के लिए अपने घर में एक चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर उस पर हनुमानजी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। पंचोपचार, दशोपचार या शोडषोपचार पूजन संपन्न करें। पुष्प, धूप-दीप लगाएं। हनुमानजी को हलवे का नैवद्य अर्पित करें। गुड़-चना और श्रीफल भेंट करें। हनुमान चालीसा या जो भी स्तोत्र-पाठ आदि आप करना चाहते हैं वह करें। कर्पूर से आरती करें और प्रसाद ग्रहण करें।

हस्त-चित्रा नक्षत्र में होगी लक्ष्मी की प्राप्ति
 
हस्त नक्षत्र को लक्ष्मीदायक नक्षत्र कहा गया है। इसके स्वामी सूर्य हैं। तिर्यकमुख और लघु प्रकृतिवाला यह नक्षत्र उद्योग, व्यापार एवं वाणिज्य के लिए अत्यंत शुभ होता हे। यज्ञ, हवन, धर्म प्रचार आदि के लिए भी यह नक्षत्र उपयुक्त होता है। इसलिए इस नक्षत्र में हनुमानजी का पूजन लक्ष्मी की प्राप्ति करवाएगा। हालांकिहनुमान जन्मोत्सव के दिन हस्त नक्षत्र प्रात: 8 बजकर 41 मिनट तक ही रहेगा इसके बाद चित्रा नक्षत्र प्रारंभ हो जाएगा। यह नक्षत्र भी उत्तम, शुभ और वृद्धिकारक होता है। इस नक्षत्र में नवीन कार्य प्रारंभ करना, उद्योग-व्यापार प्रारंभ करना शुभ होता है। इसलिए चित्रा नक्षत्र के संयोग में कार्य प्रारंभ करेंगे तो उसमें उत्तरोत्तर वृद्धि होगी। इसके साथ ही हर्ष योग का संयोग होने से हनुमानजी का पूजन सुख-समृद्धि और हर्षोल्लास में वृद्धि करेगा।

Related Articles

Back to top button