Pandit Pradeep Mishra: सीहोर वाले पंडित प्रदीप मिश्रा जी के चमत्कारी उपाए

पंडित प्रदीप मिश्रा जी (pandit pradeep mishra) एक प्रसिद्ध भजन प्रस्तुतकर्ता और कथाकार हैं जो अपने भजनों के लिए प्रसिद्ध हैं. प्रदीप मिश्रा जी अंतरराष्ट्रीय भक्ति कथाकार होने के साथ-साथ आस्था चैनल में भजन और आरती के प्रस्तुतकर्ता भी हैं. वे शिव महापुराण की कथा से जिंदगी को आसान करने वाले उपाय (Pradeep Mishra Ke Upay) बताते है.

पंडित प्रदीप जी मिश्रा जी (pandit pradeep mishra ) के अनुसार जिस व्यक्ति पर अधिक कर्जा हो गया है , धन प्राप्ति के सारे रास्ते बंद हो गए हैं , हर तरफ से उधारी हो गई है , और बहुत प्रयास करने के बाद भी कर्जा उतर ही नहीं रहा है तो कर्ज के मुक्ति के लिए सबसे उपयोगी वृक्ष वट का वृक्ष होता है इसलिए मानसिक परेशानी , धन संबंधी परेशानी या कर्जे से संबंधी परेशानी से मुक्ति पाने के लिए “वटकेश्वर महादेव ” का स्मरण करे.

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कर्जे की मुक्ति के लिए उपाय (pandit pradeep ji mishra)

  • पंडित प्रदीप जी मिश्रा जी के अनुसार धन संबंधी परेशानी या कर्जे से संबंधी परेशानी से मुक्ति पाने के लिए “वटकेश्वर महादेव ” का स्मरण करे.
  • कर्जा चुक ही नहीं रहा है तो थोड़े दिन वट के वृक्ष के नीचे एक लोटा पानी और उसमे थोड़े पीसे हुए चावल और हल्दी डालकर वटकेश्वर महादेव का स्मरण करे.

कर्ज कब लें और कब न लें?

  • कर्ज कभी भी मंगलवार को या मंगल के नक्षत्र (चित्रा, मृगा और धनिष्ठा) में न लें. आप जो भी कर्ज लें, उसकी प्रथम किस्त मंगलवार से ही वापस करना प्रारंभ करें.
  • वृषभ, सिंह, वृश्चिक एवं कुंभ में भी कभी कर्ज नहीं लेना चाहिए, वरना चाहकर भी कर्ज अदा नहीं होगा. संभव हो तो चर लग्न (मेष, कर्क, तुला और मकर) में ही कर्ज लें.
  • बुधवार के दिन आप किसी अन्य को कर्ज कभी मत दें अन्यथा वह पैसा डूब सकता है.
  • शास्त्रों में मंगलवार और बुधवार को कर्ज के लेन-देन के लिए निषेध किया है. मंगलवार को कर्ज लेने वाला जीवनभर कर्ज नहीं चुका पाता.
  • मंगलवार को शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर ‘ॐ ऋणमुक्तेश्वर महादेवाय नम:’ मंत्र बोलते हुए मसूर की दाल चढ़ाएं.

बच्चा पढ़ता न हो तो करें ये उपाए

बच्चा पढ़ने में कमजोर होता है. उसके हाथ से बसंत पंचमी वाले दिन 31 सरसों के फूल चढ़ा दिए जाते हैं. तो बच्चा पढ़ने में अब्बल निकल जाता है. उसके बच्चे को कहने की भी जरूरत नहीं है कि पढ़ने बैठ वह खुद ब खुद अपना पढ़ना शुरू कर देता है. बसंत पंचमी वाले दिन में इसकी विशेष महिमा है.

इस उपाए से ठेकेदार को मिलने लगेंगे ठेके

अगर किसी भी ठेकेदार को कोई ठेका नहीं मिल रहा है तो वह 108 सरसों के फूल लेकर शिवलिंग पर अर्पण कर दे दूधेश्वर महादेव का नाम लेकर तो अवश्य उसे ठेका मिल जाएगा।

बच्चा रोता है तो क्या करें (what to do if baby cries)

जो बच्चा बहुत रोता है, चिड़चिड़ करता है,सुनता नहीं है तो शिवलिंग पर 5 सोमवार उसके हाथ से शहद चढायें.

प्रदीप मिश्रा जी की शिव पुराण के उपाय (Remedies of Pradeep Mishra Shiv Puran)

  • शिवजी को शिवजी की जलाधारी में सबसे पहले जल चढ़ाओ. बुढापे मे व्यक्ति बड़बड़ नही करते (मंदिर में किसी ने पूजा न की हो,सबसे पहले वह व्यक्ति करें ).
  • शिवलिंग पर एक बेलपत्र चढ़ाने से जनम-मरन का फेरा छूटेगा. तीन बेल पत्र चढ़ाने से घर में समृद्धि वैभव होगा, श्रावण के सोमवार से बरस भर हर सोमवार को 108 बेल पत्र चढ़ाने से अधिक से अधिक अच्छे कर्म होंगे. अपार लक्ष्मी प्राप्तहोगी.
  • लोटे में पानी, दूध और पीपल के 5 पत्ते डालकर हार्टअटेक आने वाले व्यक्ति पर से सात बार उतारें और पीपल के वृक्ष में डाल दें तो व्यक्ति जल्दी ठीक होजाता है.

प्रदीप जी मिश्रा के टिप्स (pt pradeep mishra)

तांबे के लोटे में 1 बेलपत्र शक्कर और जल से भरकर शिवलिंग पर रामेश्वर का नाम लेकर चढ़ाएँ और चरणामृत लें. खास काम को जाते वक्त करके जाने से काम पूरा हो जाता है.

हनुमान जयंती के उपाय- पंडित प्रदीप मिश्रा के टोटके (Totke of Pandit Pradeep Mishra)

चैत्र की पूनम-हनुमार जयंती के दिन आकड़े के सफेद वृक्ष के 21 पत्तों की माला बनाना. लाल चंदन से पत्ते पर राम नाम लिखना. यह माला पूर्वमुखी हनुमान जी को शाम को चढ़ाना. देवरानी-जैठानी, बाप-बेटा अलग हों तो भी एक ही माला चढ़ाएँ क्लेश मिट जाता है. बच्चे होशियार होते है. कन बेलपत्र के वृक्ष के नीचे बालू का शिवलिंग बनाकर उसकी पर विसर्जन करें तो बंद हुई दुकान चलने लगती है, भरभराट होती है.

बैकुंठ चतुर्दशी के दिन करने की पूजा (Worship to be done on the day of Baikunth Chaturdashi)

पूजा सुबह करना. शिवलिंग पर पानी चढ़ाना, मध 3 बार चढ़ाना उसी वक्त १ ॐ नमः ३ नमः ॐ हीम नमः– यही मंत्र. बोलके मध 3 बार चढ़ायें फिर 3 बार चढ़ायें  फिर 3 बार तुलसी दल नीचे वाला मंत्र बोलके चढ़ाना-
ऊँ छोम रोम नमः २ ॐ व्हीम नमः ३ ॐ नमः

बैकुंठ चतुर्दशी के दूसरे दिन (पुर्णिमा के दिन के टोटके pandit pradeep mishra)

शिवलिंग पर चढाई तुलसी के दल निकालना. वह तुलसी दल बच्चों को सुबह, दोपहर और शाम को खाने को देना. उससे बच्चे पढाई में होशियार तथा बुद्धिमान होते है.

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