ऋषभ पंत का एक्सीडेंट, बस ड्राइवर ने बचाई जान

दिल्ली से रुड़की जाते समय गुरुकुल नारसन के पास उनकी कार डिवाइडर से टकराने के बाद दूर जाकर पलट गई। भयानक हादसे के बाद कार में आग लग गई। गनीमत रही कि हादसे में पंत की जान बच गई।

रुड़की. शुक्रवार को क्रिकेट ऋषभ पंत का एक्सीडेंट हो गया। दिल्ली से रुड़की जाते समय गुरुकुल नारसन के पास उनकी कार डिवाइडर से टकराने के बाद दूर जाकर पलट गई। भयानक हादसे के बाद कार में आग लग गई। गनीमत रही कि हादसे में पंत की जान बच गई। कार खुद पंत चला रहे थे और वह अकेले ही परिवार के साथ न्यू ईयर मनाने के लिए जा रहे थे। सुबह करीब 5 बजकर 21 मिनट पर यह दुर्घटना हुई।

हरिद्वार के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि कार को पंत ड्राइव कर रहे थे। अचानक झपकी आने से उनकी कार डिवाइडर से टकरा गई। एक्सीडेंट के बाद सबसे पहले पंत के पास हरियाणा रोडवेज के बस ड्राइवर सुशील कुमार पहुंचे। सुशील ने ही 112 पर कॉल करके पुलिस को सूचना दी। एक टीवी चैनल से बात करते हुए सुशील ने बताया कि उन्होंने बस के कंडक्टर की मदद से पंत को कार से बाहर निकाला। जब पंत को कार से बाहर निकाला गया तो चिंगारी उठने लगी थी और कुछ ही मिनटों के भीतर यह आग के गोले में तब्दील हो गई।

दुर्घटना स्थल से करीब एक किलोमीटर दूर नारसन चौकी से पुलिसकर्मी पहुंचे तो पंत को पास के निजी अस्पताल में ले जाया गया। सिर, पीठ और पैरों में चोट आई हैं। पंत को प्राथमिक उपचार के बाद देहरादून के मैक्स अस्पताल में भेजा गया। हरिद्वार के एसएसपी अजय सिंह ने कहा ,’पंत हरिद्वार जिले के मंगलोर में दुर्घटना का शिकार हो गए । उनकी कार सुबह साढे पांच बजे डिवाइडर से टकरा गई।’उन्होंने कहा ,’उन्हें रूड़की में सक्षम अस्पताल ले जाया गया जहां से उन्हें देहरादून के मैक्स अस्पताल भेज दिया गया है ।’

सक्षम अस्पताल मेंपंत का इलाज करने वाले डॉक्टर सुशील नागर ने बताया है कि पंत को सिर पर और घुटने में चोटें आई है और इसकी आगे जांच करनी होगी। उन्होंने कहा ,’जब उन्हें हमारे अस्पताल लाया गया तब वह पूरी तरह से होश में थे और मैने उनसे बात भी की । वह घर जाकर अपनी मां को सरप्राइज देना चाहते थे। उन्होंने बताया कि शायद उन्हें झपकी लग गई थी और इसलिए दुर्घटना हुई।’

पंत तक नहीं पहुंचीं थीं लपटें

डॉक्टर ने कहा ,’उनके सिर में चोट लगी है लेकिन मैने टांके नहीं लगाए। मैंने उन्हें मैक्स अस्पताल ले जाने को कहा जहां प्लास्टिक सर्जन उन्हें देख सके। एक्स रे में पता चला है कि कोई हड्डी नहीं टूटी है। दाहिने घुटने में चोट है और वह कितनी गंभीर है, इसका पता एमआरआई या आगे जांच से चलेगा।’ लिगामेंट की चोट ठीक होने में दो से छह महीने लगते हैं।

उन्होंने कहा कि पंत की पीठ पर बड़ा घाव है और सोशल मीडिया पर जो तस्वीरें वाइरल हुई है , वह आग से जलने की चोट नहीं है। डॉक्टर नागर ने कहा,’ चोट इसलिये लगी क्योंकि वह कार में आग लगते ही खिड़की तोड़कर बाहर कूद गया । पीठ के बल गिरने से उसकी चमड़ी छिल गई लेकिन वह आग से जलने की चोट नहीं है और गंभीर भी नहीं है।’

मैक्स अस्पताल में चल रहा इलाज

मैक्स अस्पताल, देहरादून के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर दिशांत याग्निक ने कहा कि हड्डी के विशेषज्ञों और प्लास्टिक सर्जन की टीम पंत को देख रही है। पंत को श्रीलंका के खिलाफ आगामी श्रृंखला से बाहर रखा गया है क्योंकि उन्हें फरवरी में होने वाली बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी से पहले दमखम और अनुकूलन कार्यक्रम के लिए एनसीए में शामिल होना है। उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ दो टेस्ट मैच की सीरीज में भारत की जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी। पंत ने मीरपुर में दूसरे टेस्ट में 93 रन की मैच जिताऊ पारी खेली थी।

खुद सीएम भी ऐक्टिव

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पंत के इलाज का पूरा खर्च उनकी सरकार उठायेगी। धामी ने अधिकारियों से पंत की हालत को लेकर ताजा जानकारी ली और उनके इलाज का पूरा बंदोबस्त करने के लिये कहा। पंत ने अब तक 33 टेस्ट में पांच शतक और 11 अर्धशतक की मदद से 2,271 रन बनाए हैं। उन्होंने 30 वनडे और 66 टी-ट्वेंटी में भी देश का प्रतिनिधित्व किया है।

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