टीम इंडिया को आज ही के दिन मिले थे 3 ‘कोहिनूर’, जब गांगुली, द्रविड़ और कोहली के पड़े थे टेस्ट क्रिकेट में कदम

नई दिल्ली
भारतीय क्रिकेट के लिए 20 जून का दिन बेहद खास है। आज ही के दिन टीम इंडिया को एक-दो नहीं बल्कि तीन ऐसे कोहिनूर मिले जिन्होंने भारतीय क्रिकेट को ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद की। यहां हम बाद 'ऑफ साइड के किंग' सौरव गांगुली, 'द वॉल' राहुल द्रविड़ और 'रन मशीन' विराट कोहली की कर रहे हैं। गांगुली और द्रविड़ ने तो 1996 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू कर अपनी कबलियत से रू-ब-रू करवाया था। वहीं ठीक 15 साल बाद कोहली को 2011 में सफेद जर्सी में खेलने का मौका मिला, हालांकि किंग कोहली अपने पहले टेस्ट में फेल हुए थे। गांगुली और द्रविड़ क्रिकेट का मैदान छोड़ने के बाद अभी भी भारतीय क्रिकेट को अपनी सेवाएं दे रहे हैं। गांगुली बीसीसीआई अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाल रहे हैं, वहीं राहुल द्रविड़ टीम इंडिया के कोच हैं।

गांगुली-द्रविड़ ने लॉर्ड्स में बिखेरे थे जलवे
मोहम्मद अजहरूद्दीन की कप्तान में सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ को एक साथ भारतीय टेस्ट टीम में डेब्यू करने का मौका मिला था। इंग्लैंड दौरे पर पहला टेस्ट हारने के बाद कप्तान ने इन दोनों युवाओं पर भरोसा जताते हुए दूसरे टेस्ट में मौका दिया। गांगुली और द्रविड़ दोनों ने ही कप्तान को निराश ना करते हुए शानदार पारी खेली थी। गांगुली जहां शतक लगाने में कामयाब रहे थे, वहीं द्रविड़ ने 95 रन बनाए थे। इन दोनों खिलाड़ियों के दम पर भारत नॉर्टिंघम टेस्ट ड्रॉ कराने में कामयाब रहा था।

कोहली पहले टेस्ट में हुए थे फेल
20 जून 2011 को विराट कोहली को वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट डेब्यू का मौका मिला। पहली पारी में कोहली 4 तो दूसरी पारी में 15 ही रन बनाने में कामयाब रहे थे। हालांकि दूसरी पारी में कोहली ने क्रीज पर काफी समय बिताया और 54 गेंदों का सामना किया। दोनों ही पारियों में उन्हें फिदेल एडवर्ड्स ने पवेलियन का रास्ता दिखाया।

गांगुली-द्रविड़ ने ठोके 20 हजार से ज्यादा रन
गांगुली और द्रविड़ ने अपने करियर की शुरुआत तो एक साथ की मगर दोनों की रिटायरमेंट में काफी अंतर रहा। गांगुली ने अपना आखिरी टेस्ट 2008 में तो द्रविड़ ने 2012 में खेला। दोनों खिलाड़ियों ने टेस्ट क्रिकेट में मिलकर 20 हजार से ज्यादा रन बनाए। गांगुली के नाम 113 मुकाबलों में 16 शतकों के साथ 7212 रन दर्ज हैं, वहीं द्रविड़ दस हजारी बनने में कामयाब रहे थे। द वॉल ने अपने टेस्ट करियर के दौरान खेले 163 मुकाबलों में 36 शतक के साथ 13265 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत 52.63 का रहा।

10 हजारी बनने के करीब कोहली
विराट कोहली ने अभी तक खेले 101 मुकाबलों में 49.95 की औसत से 8043 रन बनाए हैं। इस दौरान कोहली के बल्ले से 27 शतक और 28 अर्धशतक निकले हैं। 33 साल के किंग कोहली के अंदर अभी काफी क्रिकेट बाकी है ऐसे में वह क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट में 10 हजारी जरूर बनना चाहेंगे।

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