कानपुर में जहर खाने वाले IPS अफसर ने पांच दिन बाद तोड़ा दम

कानपुर

उत्तर प्रदेश में तैनात आईपीएस अफसर सुरेंद्र कुमार दास करीब पांच दिनों तक चली मौत से जंग आज आखिरकार हार गए. दास ने शनिवार/रविवार की दरम्यानी रात 12 बजकर 20 मिनट पर अंतिम सांस ली.

सीएम योगी आदित्यनाथ और प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह ने दास के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है. ओम प्रकाश सिंह ने कल अस्पताल जाकर दास का हाल लिया था.

दास की मौत के मामले में अब तक कोई ठोस कारण अब तक सामने नहीं आया है. हालांकि, सूत्रों ने दास की मौत के पीछे परिवारिक कलह को अहम वजह बताया है.

5 सितंबर की शाम 4:00 बजे के आसपास कानपुर में तैनात आईपीएस सुरेंद्र कुमार दास को लेकर पुलिस अफसर अस्पताल पहुंचे. अफसरों को सूचना मिली थी कि दास ने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया है. जिससे उनकी हालत बेहद गंभीर थी.

बाद में पता चला कि दास ने सल्फास खा लिया था. जांच के दौरान उनके कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें परिवारिक विवाद का जिक्र था. लिहाजा उसी वजह से सुरेंद्र कुमार दास ने अपनी जिंदगी खत्म करने का फैसला किया था.

डॉक्टरों और पुलिस अफसरों की हर मुमकिन कोशिश के बाद भी दास की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी. उनके शरीर के अंग एक-एक कर काम करना बंद कर रहे थे. दास को बचाने के लिए पुलिस अफसरों ने हाईटेक मशीनें भी मुंबई से मंगवाई.

दास को वेंटीलेटर पर रखने के बावजूद जहर पूरे शरीर में फैलता जा रहा था. यहां तक कि पैरों की नसों में खून जमना शुरू हो गया था. जिसके मद्देनजर डॉक्टरों को ऑपरेशन करने का फैसला लेना पड़ा, लेकिन तमाम कोशिशें बेकार गई और रविवार दोपहर दास ने अस्पताल में ही दम तोड़ दिया.

आईपीएस एसोसिएशन ने भी ‘ट्वीट‘ के जरिये दास के निधन पर अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि दास एक प्रतिभाशाली और स्नेहिल अधिकारी थे. सभी उन्हें बहुत याद करेंगे. एसोसिएशन इस दुख की घड़ी में दास के परिजन के साथ खड़ी है.

आईपीएस की मौत से यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या वाकई उत्तरप्रदेश में तैनात पुलिस अधिकारी बेहद तनाव में काम कर रहे हैं. क्योंकि हाल में ही प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने साफ तौर पर कहा था कि विभाग में कांस्टेबल से लेकर ऊंचे अधिकारी तक बेहद तनाव में काम कर रहे हैं.

इससे पहले भी एटीएस के अधिकारी राजेश साहनी ने अपने दफ्तर में ही गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी. हाल ही में एक पुलिस कांस्टेबल ने भी तनाव के चलते अपनी जान दे दी थी.

इन घटनाओं से यह साफ है कि वजह चाहे वजह चाहे जो भी हो, यूपी पुलिस फोर्स में फिलहाल सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और इसे जल्द समझा और सुधारा न गया तो हालात और भी भयानक हो सकते हैं.

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