कोरोना का असरः 60 फीसदी स्कूली बच्चे इन समस्याओं के शिकार, परिजनों की बढ़ी परेशानी

 पटना
 
कोरोना के बाद 60 फीसदी स्कूली बच्चों में गुस्सा और चिड़चिड़ापन बढ़ा है। वे छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करने लगे हैं। कक्षा में आपस में झगड़ने लगे हैं। शिक्षकों के कहने पर भी गलती स्वीकार नहीं करते। ये बातें पटना जिले के 120 निजी स्कूलों के लगभग एक लाख बच्चों पर हुए अध्ययन में सामने आई है। इस वर्ष फरवरी से जुलाई तक यह अध्ययन कक्षा आठ से 12 तक के बच्चों पर किया गया। सीबीएसई के सिटी को-आर्डिनेटर राजीव रंजन ने बताया कि पैरेंट्स-टीचर मीटिंग (पीटीएम) में आए दिन अभिभावकों द्वारा बच्चों के स्वभाव में परिवर्तन और पढ़ाई में ध्यान नहीं लगाने की शिकायत की जा रही थी।

बच्चों के माता-पिता बार-बार कोरोना के बाद इस प्रकार के बदलाव की बात कह रहे थे। इस पर सीबीएसई और सीआईएससीई स्कूलों में बच्चों के व्यवहार परिवर्तन का अध्ययन कराने का निर्णय लिया गया। बच्चों के स्वभाव में बदलाव के अध्ययन के लिए शिक्षकों, स्कूल काउंसिलर और कुछ बाल मनोवैज्ञानिक की मदद से प्रश्नोत्तरी तैयार की गई। इसे अलग-अलग दिन कक्षा में बच्चों के बीच बांटकर उनसे भरवाया गया। इसके माध्यम से उनके गुस्सा के कारणों को जाना गया। उसके बाद पिछले एक माह से उनकी काउंसिलिंग की जा रही।

 

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