बालिका वधु बनने से ऐसे बची नाबालिग बिटिया, 18 साल से पहले हो रही थी शादी

 फिरोजाबाद
 
फिरोजाबाद के थाना उत्तर के टापाकलां में दिशा चिल्ड्रन संस्था से जुड़े हुए बच्चों के समूह की जागरूकता से एक नाबालिग बिटिया बालिका वधु बनने से बच गई। सूचना पर पहुंची प्रोबेशन विभाग की टीम ने शादी को रुकवा दिया। नाबालिग के माता पिता से शपथ पत्र लिया है कि वह 18 वर्ष उम्र होने से पहले बेटी की शादी नहीं करेंगे।

टापा कलां निवासी एक मजदूर ने अपनी बेटी का रिश्ता हिमायूंपुर से तय किया था। 17 अप्रैल को उसकी बरात आने वाली थी। मोहल्ले में ही दिशा का किशोर समूह सक्रिय है, उन्हें जब कम उम्र में मोहल्ले की एक किशोरी की शादी की जानकारी मिली तो उन्होंने इसकी शिकायत जिला प्रोबेशन विभाग से की। जिला प्रोबेशन अधिकारी के आदेश पर बाल संरक्षण अधिकारी अपर्णा कुलश्रेष्ठ के निर्देशन में जिला बाल संरक्षण इकाई की काउंसलर नीलम भारती एवं सामाजिक कार्यकर्ता गीता यहां पर पहुंची। विभव नगर चौकी से पुलिस चौकी की फोर्स को लेकर टीम ने यहां पहुंच कर अभिभावकों से बात की। जांच के दौरान किशोरी की आयु 16 वर्ष निकली। इस पर अभिभावकों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि बेटी की आयु 18 वर्ष होने तक शादी न करें। परिजनों ने इस आशय का शपथ पत्र भी दिया है।

आधार कार्ड में बढ़वा दी थी उम्र
बताया जाता है कि परिजनों ने किशोरी के आधार कार्ड में परिवर्तन भी कराया था। इसमें इसकी जन्मतिथि 2013 दर्शाई थी, लेकिन टीम को जांच के दौरान किशोरी का मूल आधार कार्ड मिल गया। इसमें जन्मतिथि एक जनवरी 2006 अंकित है। वहीं बालिका द्वारा कोरोना से पहले कमला नेहरू स्कूल में प्रवेश लिया। वहां एसआर रजिस्टर में भी जन्म तिथि 2006 ही अंकित थी। इस दौरान बाल कल्याण समिति के सदस्य उग्रसेन पांडे एवं हरगोविंद सिंह भी उपस्थित थे।

 

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