गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में 12 नए कोर्स लॉन्च, प्रवेश के लिए नामांकन प्रक्रिया हुई शुरू

ग्रेटर नोएडा
ग्रेटर नोएडा स्थित गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2022-2023 में प्रवेश के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। संस्थान में इस वर्ष 12 नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। साथ ही आगामी सत्र से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को सैद्धांतिक रूप से लागू किया जाएगा। यह जानकारी कुलपति प्रोफेसर रविन्द्र कुमार सिन्हा और कुलसचिव डॉ. विश्वास त्रिपाठी ने सोमवार को प्रेस वार्ता के दौरान दी। इस बार 124 कोर्स की 3577 सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू दी गई है। बच्चों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नबंर जारी किया गया है, साथ ही वॉट्सऐप पर भी टीम बच्चों के साथ संपर्क में रहेगी। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रविंद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि विश्वविद्यालय ने सत्र 2022-23 के लिए प्रवेश शुरू कर दी है।

इस बार 12 नए पाठ्यक्रमों के साथ कुल 124 पाठ्यक्रम में प्रवेश लिए जाएंगे। इनमें मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस, माइक्रोबियल बायोटेक्नोलॉजी, रेलवे सिग्नलिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेस, बौद्ध पर्यटन एवं विरासत, इनटीरियर डिजाइन, इलेक्ट्रिक वाहन, पर्यावरण प्रबंधन, पॉलीयूरेथीन टेक्नोलॉजी, क्लीनिकल साइकोलॉजी, मौसम अनुमान शामिल हैं।  कामगारों के लिए भी दो नए पाठ्यक्रम : कुलपति ने बताया कि ऐसे कई वर्किंग प्रोफेशनल हैं, जोकि अपनी शैक्षणिक योग्यता बढ़ाना चाहते हैं, मगर सेवारत होने के कारण चाहकर भी पढ़ाई को आगे नहीं बढ़ पाते हैं। उनके लिए विश्वविद्यालय शैक्षणिक योग्यता बढ़ाने का अवसर प्रदान कर रहा है। इनके लिए दो नए पाठ्यक्रम एमटेक (कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग) एवं एमबीए (एक्जीक्यूटिव) शुरू किए गए हैं। संस्थान एडमिशन चेयरपर्सन प्रदीप तोमर ने बताया कि विश्वविद्यालय 100 पाठ्यक्रमों के लिए ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा कराएगा और शेष 24 पाठ्यक्रमों में प्रवेश सीधे दिए जाएंगे। बताया गया कि विश्वविद्यालय जुलाई के पहले सप्ताह में ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा आयोजित करेगा।

नए पाठ्यक्रम
पीएचडी (खाद्य प्रसंस्करण टेक्नोलॉजी), एमटेक (कंप्यूटर साइंस एंड तकनीकी), एमबीए एक्जीक्यूटिव (वर्किंग प्रोफेशनल्स), एमटेक (रैम्स एंड मेंटेनेंस इंजीनियरिंग), एमएससी (बायोइंफॉर्मेटिक्स एंड जीनोमिक्स एंड माइक्रोबियल बायोटेक्नोलॉजी), बीएससी (ऑनर्स) बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च, तीन सर्टिफिकेट व डिप्लोमा कोर्स विश्वसनीयता उपलब्धता और सुरक्षा, पूर्वानुमान और स्वास्थ्य एवं रखरखाव इंजीनियरिंग

राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू
कुलसचिव डॉ. विश्वास त्रिपाठी ने बताया कि आगामी शैक्षणिक सत्र 2022-2023 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को सैद्धांतिक रूप से लागू किया जाएगा। वर्तमान में तीन वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रमों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया हैै। शैक्षणिक सत्र 2022-23 से सभी स्नातक स्तर वाले पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप होंगे।

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