इस वित्तीय वर्ष के पहले 2 बुधवार को ही बिकीं 216 सम्पत्तियां, मिला 35 करोड़ रूपये का राजस्व

जयपुर। राजस्थान आवासन आयुक्त श्री पवन अरोड़ा ने बताया कि गत वित्तीय वर्ष में 6 हजार करोड़ के रिकॉर्ड टर्नओवर के बाद भी राजस्थान आवासन मंडल की उड़ान निरंतर जारी है। उन्होंने बताया कि नए वित्तीय वर्ष की शुरूआती 2 बुधवार में ही ई-बिड सबमिशन योजना के तहत मंडल द्वारा प्रदेश में 216 सम्पत्तियां का विक्रय कर 35 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त किया है।

उन्होंने बताया कि इस बुधवार से ही ई-बिड सबमिशन में जयपुर के प्रताप नगर स्थित द्वारकारपुरी अपार्टमेंट के 554 आवास नए जोड़े थे। इनमें 462 फ्लैट्स 1 बीएचके के और 92 फ्लैट्स 2 बीएचके के थे। इस अपार्टमेंट में लोगों के फ्लैटस खरीदने का जबर्दस्त रूझान देखने को मिला और पहले ही बुधवार को 70 फ्लैट्स बिक गए। उल्लेखनीय है कि इस अपार्टमेंट में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रोफेशनल्स अपने घरेलू नौकरों सहित सहायकों के लिए फ्लैट्स खरीद रहे हैं। गौरतलब है कि इस अपार्टमेंट के पास में ही अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों के लिए एआईएस रेजीडेंसी योजना बन रही है और एनआरआई योजना पहले से ही स्थित है। इस अपार्टमेंट में मात्र 6 लाख रूपये में 1 बीएचके फ्लैट्स मिल रहे हैं। रोचक बात तो यह है कि इस राशि में से पहले मात्र 10 प्रतिशत राशि लेकर कब्जा दिया जा रहा है।

आवासन आयुक्त ने बताया कि ई-बिड सबमिशन योजना के तहत जोधपुर की कुड़ी भगतासनी और विवेक विहार योजना के 3 हजार 234 अधिशेष आवासों को इस बुधवार से ही 50 प्रतिशत की छूट के साथ विक्रय के लिए उपलब्ध कराया गया था। इन दोनों आवासीय योजनाओं में लोगों का बहुत अच्छा रूझान देखने को मिला और पहले ही बुधवार को 50 आवास बिक गए। उल्लेखनीय है कि गत दिनों आवासन आयुक्त ने जोधपुर का दौरा कर कुड़ी भगतासनी योजना में अनिस्तारित आवासों की समीक्षा की थी। मंडल द्वारा यहां के 2160 आवासों को आमजन के हित में 50 प्रतिशत की छूट पर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया था। आयुक्त द्वारा इन योजनाओं में मूलभूत सुविधाओं में सुधार के साथ यहां के लिए पाली रोड़ से सीधी सम्पर्क सड़क बनाने के निर्देश दिए थे।

आयुक्त ने बताया कि मंडल द्वारा इस बुधवार से ही जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा और अजमेर में 50 प्रतिशत की भारी छूट पर 3 हजार 694 आवास नए जोड़े थे। इन आवासों के विक्रय के लिए सम्बंधित योजनाओं में मंडल द्वारा हेल्पडेस्क बनाई गईं, जहां आवेदन करने और मौका दिखाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई। इन हेल्पडेस्कों पर लोगों की जबर्दस्त भीड़ रही।

आयुक्त ने बताया कि ई-बिड सबमिशन योजना के असफल आवेदकों की अमानता राशि 72 घंटे में लौटा दी जाएगी। यह राशि सीधे ही उनके बैंक खाते में जमा हो जाएगी  और वे अगले सोमवार से नीलामी में फिर भाग ले सकेंगे।

जयपुर वृत्त प्रथम, द्वितीय और तृतीय में 109 सम्पत्तियां बिकी, जिससे मण्डल को 21  करोड़ 15 लाख रूपये का राजस्व मिला, जोधपुर वृत्त प्रथम और द्वितीय में 67 सम्पत्तियां बिकी, जिससे मण्डल को 9 करोड़ 28 लाख रूपये का राजस्व मिला, कोटा वृत्त में 5 सम्पत्तियां बिकी, जिससे मण्डल को 23 लाख रूपये का राजस्व मिला, बीकानेर वृत्त में 12 सम्पत्तियां बिकी, जिससे मण्डल को 2 करोड 42 लाख रूपये का राजस्व मिला, उदयपुर वृत्त में 22 सम्पत्तियां बिकी, जिससे मण्डल को 2 करोड 2 लाख रूपये का राजस्व मिला और अलवर वृत्त में 1 सम्पत्तियां बिकी, जिससे मण्डल को 16 लाख 85 हजार रूपये का राजस्व मिला।

 

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