अयोध्या धाम की 84 कोसी परिक्रमा 17 अप्रैल से शुरू

 अयोध्या

 अयोध्या धाम की 84 कोसी परिक्रमा 17 अप्रैल से शुरू होगी। यह परिक्रमा पांच जिलों- बस्ती, अयोध्या, अंबेडकरनगर, गोंडा, बाराबंकी से होकर गुजरती है। इसका समापन 8 मई को अयोध्या में ही होगा। इस बार यह परिक्रमा दो साल बाद निकाली जा रही है। साल 2020 व 2021 में चौरासी कोसी परिक्रमा कोरोना के चलते निकाली नहीं जा सकी थी। परिक्रमा को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं।

परिक्रमा में शामिल होने वाले साधु-संतों और राम भक्तों का पंजीयन शुरू हो गया है। 23 दिवसीय परिक्रमा का समापन 8 मई को अयोध्या में होगा। वहीं दूसरी महंत गयादास के नेतृत्व में भी 84 कोसी परिक्रमा निकाली जाती है। इस साल भी 16 अप्रैल को नरोत्तम भवन रायगंज से महंत गयादास के नेतृत्व में परिक्रमा का शुभारंभ होगा। 8 मई को अयोध्या के सीताकुंड में परिक्रमा का समापन होगा।

84 कोसी परिक्रमा का महत्व
श्रीराम जन्मभूमि स्थित राम मंदिर के पुजारी जी बताते है कि हिन्दुओं में 84 लाख योनियों में भटकने से बचने के लिए अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा की काफी मान्यता है। राजा दशरथ के समय की अयोध्या 84 कोस में फैली थी। इसे रामनगरी की सांस्कृतिक सीमा कहा जाता है। उन्होंने बताया कि परिक्रमा से हर किसी की मनोकामनाएं भी पूरी होती है और वो 84 लाख योनियों के चक्र से मुक्त भी होते हैं।

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