जयपुर के सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र में रीको द्वारा सीमा ज्ञान के बाद कार्यवाही की जाएगी: उद्योग मंत्री

जयपुर। उद्योग मंत्री श्रीमती शकुन्तला रावत ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि जयपुर के सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र में रीको द्वारा संबंधित रकबों का सीमाज्ञान के उपरान्त मौके पर रीको की भूमि डिमारकेट कर, ले-आउट प्लान के अनुसार कार्यवाही की जावेगी।

श्रीमती रावत ने प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए बताया कि रीको सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र के विकास/विस्तार हेतु ग्राम सुखपुर,चतरवाला,दहलावास,श्योपुर एवं खूसर, तहसील सांगानेर की खसरा संख्या 1700, 1701,1702, 1700/2360, 1708, 1709, 1701/1 एवं 1711 की भूमि को औद्योगिक क्षेत्र सीतापुरा के ले-आउट प्लान में सर्विसेज क्षेत्र तथा सड़क हेतु नियोजित की गई है। उन्होंने बताया कि सड़क में आने वाली भूमि को छोड़कर सर्विसेज हेतु नियोजित भूमि समीपस्थ स्थित अन्य खातेदारों की निजी भूमि से लगी हुई होने के कारण तथा मौके पर अतिक्रमण की शिकायत विभाग को 5 सितंबर 2019 को प्राप्त हुई तो विभाग द्वारा 6 सिंतबर 2019 को शिकायत दर्ज करवा दी गई तथा सीमाज्ञान शुल्क की राशि रुपये 10 हजार भी जमा करा दी गई है। साथ ही. मौके से अतिक्रमण हटाने की त्वरित कार्यवाही की जाएगी।

उन्होंने बताया कि जिन रकबों को अवार्ड देकर अवाप्त कर लिया गया है, तथा उन रकबों को मुआवजा भी दे दिया गया, उन रकबों को खाली करवा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि संबंधित भूमि में मंदिर भी है इसलिए धार्मिक भावनाओं का ध्यान रखते हुए इन रकबों का खाली करवाने की शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।

इससे पहले श्रीमती रावत ने विधायक श्री अशोक लाहोटी के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि रीको सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र के विकास/विस्तार हेतु ग्राम सुखपुर,चतरवाला,दहलावास,श्योपुर एवं खूसर, तहसील सांगानेर,जिला जयपुर की निजी खातेदारी भूमि दो चरणों में अवाप्त की गई थी। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में अवाप्त भूमि का अवार्ड 20 मार्च 1995 को एवं द्वितीय चरण की भूमि का अवार्ड 21 जुलाई 1997 को जारी किया गया। उन्होंने बताया कि इस अवाप्त भूमि का मुआवजा भुगतान अवार्ड में निर्धारित राशि अनुसार किया गया। उन्होंने अवाप्त भूमि में ग्राम श्योपुर की जो भूमि सम्मिलित थी उसका विवरण सदन के पटल पर रखा।

 उन्होंने बताया कि खण्ड 01 में वर्णित अवाप्त भूमि में से खसरा नंबर 993 का सम्पूर्ण रकबा 0-03 बीघा एवं खसरा नंबर 994 का सम्पूर्ण रकबा 0-03 बीघा एवं खसरा नंबर 994 का सम्पूर्ण रकबा 02-02 बीघा कुल 02-05 बीघा भूमि मुक्त करने की अनुशंषा रीको लि0 द्वारा 30 नवंबर 1997 को की गई। इस आधार पर 02-05 बीघा भूमि को छोडते हुए खण्ड 01 में वर्णित शेष भूमि का कब्जा प्राप्त कर लिया गया तथा यह वर्तमान में राजस्व रिकार्ड में रीको के नाम दर्ज है।

उद्योग मंत्री ने बताया कि खसरा संख्या 1700, 1701,1702, 1700/2360, 1708, 1709, 1701/1 एवं 1711 की भूमि को औद्योगिक क्षेत्र सीतापुरा के ले-आउट प्लान में सर्विसेज क्षेत्र तथा सड़क हेतु नियोजित की गई है। सड़क में आने वाली भूमि को छोड़कर सर्विसेज हेतु नियोजित भूमि समीपस्थ स्थित अन्य खातेदारों की निजी भूमि से लगी हुई होने के कारण तथा मौके पर अतिक्रमण की शिकायत प्राप्त होने के आधार पर सीमांकन करने हेतु राजस्व अधिकारियों को लिखा गया था। लेकिन पास में आबादी भूमि होने के कारण सीमाज्ञान डीजीपीएस मशीन से करवाने हेतु कहा गया है। उन्होंने बताया कि इसके उपरान्त भू-प्रबन्ध अधिकारी, जयपुर को सीमाज्ञान हेतु लिखा गया। सीमाज्ञान शुल्क की राशि 10 हजार दिनांक 12 जनवरी 2022 को जमा करा दी गई है। सीमाज्ञान के उपरान्त मौके पर रीको की भूमि डिमारकेट कर ले-आउट प्लान के अनुसार कार्यवाही की जावेगी।

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