CM के जवाब के बाद सरकार पर हमलावर हुई भाजपा, बनाई रणनीति

रांची
झारखंड की हेमंत सरकार को घेरने में जुटी भाजपा खुद को एकजुट करने में लगी है। भाजपा के शीर्ष नेताओं की कोर कमेटी की बैठक में राज्य सरकार पर मिलजुल कर हमला करने और आपसी एकता बनाए रखने पर चर्चा हुई। रविवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में हुई कोर कमेटी की बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा कि बैठक में राज्य की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा हुई।

नाकामियों से घिरी है सरकार
दीपक प्रकाश ने कहा कि यह सरकार अपनी नाकामियों और विफलताओं से घिरी है। राज्य में भ्रष्टाचार की हदें पार हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा जज या पुलिस नहीं, बल्कि राज्य की सुरक्षा में चौकीदार है। उन्होंने कहा कि जज तो सवा तीन करोड़ जनता है जो समय आने पर सजा सुनाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा को राज्य की जनता ने विपक्ष की भूमिका सौंपी है। पार्टी ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रही है। बैठक में तीनों पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा और रघुवर दास समेत क्षेत्रीय संगठन मंत्री नागेंद्रनाथ त्रिपाठी, प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ रवींद्र कुमार राय, डॉ दिनेशानंद गोस्वामी, प्रदेश उपाध्यक्ष सह सांसद सुनील सिंह, विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा और सांसद समीर उरांव शामिल हुए।
 
मुख्यमंत्री को देना होगा सवालों का जवाब
दीपक प्रकाश ने कहा कि सरकार बताए कि मुख्यमंत्री ने अपने नाम पर अपनी कलम से कैसे खान की लीज ले ली। उद्योग मंत्री के रूप में पत्नी को औद्योगिक भूमि आवंटित कर दी। अपने भाई व प्रतिनिधि को भी खनिज के पट्टे दे दिए। ऐसे इतिहास रचने का जवाब जनता मांग रही है। सरकार को इसका जवाब जनता को देना चाहिए। यह राज्य किसी परिवार की जागीर नहीं बल्कि सवा तीन करोड़ जनता की अमानत है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में राज्य सरकार ने पिछड़ा समाज को धोखा दिया। जनजाति समाज को जाति प्रमाणपत्र से धर्म का कॉलम हटाकर धोखा दिया। यह सरकार जनविरोधी, पिछड़ा विरोधी, महिला विरोधी, दलित विरोधी सरकार है, जिसने शासन करने का नैतिक अधिकार खो दिया है।

 

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