अखिलेश यादव को पश्चिम से राहत, जयंत चौधरी नहीं बनेंगे ‘चवन्नी’

लखनऊ
विधानसभा चुनाव में हार के बाद अपनों की बगावत झेल रहे अखिलेश यादव के लिए पश्चिम से राहत की खबर आई है। पश्चिमी यूपी में खास प्रभाव रखने वाली पार्टी राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख जयंत चौधरी ने सपा के साथ बने रहने का फैसला लिया है। रविवार को दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में जयंत चौधरी ने सपा गठबंधन को मजबूत करने का आह्वान किया और चुनाव में जीत के लिए पार्टी के ईमानदार प्रयास की तारीफ की।

हाल ही में जयंत चौधरी की सपा में बगावती तेवर दिखा रहे आजम खान के परिवार से मुलाकात हुई थी। इसके बाद अटकलों का दौर शुरू हो गया था। एक तरफ जहां उन्हें अखिलेश की ओर से भेजा गया दूत बताया गया तो दूसरी तरफ कुछ लोगों ने यह भी आशंका  की कि कहीं जयंत भी तो बागियों की टीम में शामिल नहीं होंगे? ऐसे में जयंत ने यह साफ कर दिया है कि वह सपा के साथ मजबूती से खड़े हैं। जयंत चौधरी ने चुनाव के दौरान भी भाजपा के न्योते को ठुकराते हुए कहा था कि वह चवन्नी नहीं जो पलट जाएंगे।

राष्ट्रीय लोकदल के सभी बड़े पदाधिकारियों की मौजूदगी में जयंत ने हर बूथ तक प्रभावी संगठन बनाने की बात कही। जयंत चौधरी अगले सप्ताह रालोद के सभी विधानसभा उम्मीदवारों से मिलेंगे। राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने चुनाव में गठबंधन के मुख्य दल समाजवादी पार्टी और अन्य सहयोगी दलों के कार्यकर्ताओं के जीत की ईमानदार प्रयास की सराहना की।

भाजपा के खिलाफ प्रस्ताव
रालोद की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि बैठक में प्रस्ताव बारित कर भाजपा द्वारा फैलाए जा रहे उन्माद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने कड़े शब्दों में निंदा की। राष्ट्रीय लोकदल के सभी कार्यकर्ता और नेताओं की स्पष्ट मान्यता है कि सांप्रदायिक और विघटनकारी ताकतों को हराने के लिए धर्मनिरपेक्ष ताकतों को लंबी लड़ाई लड़नी होगी। इस लड़ाई में जीत का मंत्र है सेक्युलर योद्धाओं में एकता और उनकी एकजुटता। राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने कार्यकर्ताओं को जनहित में राष्ट्रीय लोकदल और समाजवादी पार्टी के गठबंधन को और भी ज्यादा मजबूत बनाने की अपील की।

मंहगाई पर चिंता, 1 मई से सदस्यता अभियान
राष्ट्रीय लोकदल ने बढ़ती महंगाई को लेकर चिंता जाहिर की। जीएसटी काउंसिल के गुड़ और पापड़ पर जीएसटी लगाने के प्रस्ताव का भी विरोध किया। एक मई से राष्ट्रीय लोकदल सदस्यता एवं फंड रेसिंग अभियान शुरू करेगा। 6 मई के बाद राष्ट्रीय लोकदल के सभी विधानसभा सीटों पर आम जनता से सीधा संवाद करेंगे। 

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