गुस्से में मां कहती थी तुम्हे मार डालूंगी, मैंने उन्हें ही मार दिया, पढ़िए हत्यारोपित बच्चे के हैरान करने वाले जवाब

लखनऊ
जिस घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। हत्यारोपी बेटे से पूछताछ में निकल कर आई बातों से पुलिस अफसर भी हैरान हैं। बेटे को मां की हत्या का कोई अफसोस नहीं। यह जरूर था कि मंगलवार देर रात खुलासे से लेकर दो दिन बाद तक उससे अलग-अलग पुलिस अफसरों और विवेचक ने सवाल जवाब किये। इस आधार पर ही इंट्रोगेशन रिपोर्ट तैयार हुई। पुलिस अफसरों के बयान के बाद आरोपित बेटे के दिये गये जवाब के कुछ अंश…।

कब और क्यों मारा था मां को
जवाब-आरोपित बेटे ने पुलिस को जवाब दिया कि शनिवार रात तीन बजे मां को गोली मार दी थी। मां ने शनिवार रात आठ बजे उस पर 10 हजार रुपये चोरी करने का आरोप लगाया था। कुछ देर बाद रुपये मिल गये थे पर मां उसे ही चोर समझती रही। आलमारी से पिता की पिस्टल निकाली। उसमें एक गोली हमेशा लोड रहती थी।

दोस्त को बदबू नहीं आयी
जवाब- दूसरे दिन घर आये दोस्त ने कहा था कमरे से बदबू आ रही है। मैंने कहा कि घर के सामने भरा पानी सड़ गया है। उसकी बदबू है। रूम फ्रेशनर स्प्रे कर दिया था। बीच-बीच में वह दूसरे कमरे में जाकर बहन को धमकाता था कि दोस्त के रहने तक उसके पास न आना।
 
हत्या के बाद क्या किया
जवाब-रविवार को वह पूरे दिन घर पर ही रहा था। शाम को वह दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलने गया था। बाहर जाते समय पड़ोस की आंटी के घर बहन को छोड़ आया था। आंटी से भी कहा था कि मम्मी बाहर गई हैं। आंटी ने ही यहां उसने रात में अंडे और चावल खाये थे। रात में लौटा तो दोस्त के साथ लैपटॉप पर पिक्चर देखता रहा।

कौन से गेम खेलते थे
जवाब-आरोपित ने पुलिस के इस सवाल पर पहले चुप्पी साधी, फिर बोला कि पबजी गेम का नया बैटल ग्राउंड गेम आया था। वह इसे खेलता था। इस वजह से पढ़ाई नहीं हो पाती थी। स्कूल से शिकायत आने पर मां ने मोबाइल रिचार्ज नहीं कराया। पिता ने भी पुलिस को बताया था कि स्कूल से कई बार शिकायतें आती थी। एडीसीपी पूर्वी सै. कासिम आब्दी ने बताया है कि आरोपित बेटे की काउंसलिंग बाल सुधार गृह में हो रही है। कोशिश रहेगी कि उसे ऐसा माहौल न मिले जिससे वह आगे भी ऐसी ही प्रवृत्ति का बना रहे। उसके बयान के आधार पर रिपोर्ट तैयार हो गई है। इसे भी काउसंलिंग करने वाली टीम को दिया जायेगा।

दोस्त ने कुबूला.. मना करने पर धमकाया था

मां की हत्या करने के बाद बेटे ने जिस दोस्त से शव ठिकाने लगाने के लिये मदद मांगी थी, उससे पुलिस ने शुक्रवार को पूछताछ की। दोस्त ने कुबूला कि आरोपित ने पांच हजार रुपये देने का लालच दिया था। मना करने पर उसे धमकाया भी था।मोहल्ले में ही इस दोस्त ने कुछ लोगों से आरोपित बेटे के बारे में चर्चा की थी। इस दौरान ही उसने यह खुलासा किया था कि आरोपित बेटे ने उससे सम्पर्क किया था कि मां के शव को घर से निकाल कर कहीं और ले जाना है। उसने मंगलवार को ही मदद मांगी थी। वह पहले डर गया था, लेकिन बाद में उसकी शिकायत करने का मन बना लिया था। पर, दोपहर बाद इस घटना का खुलासा हो गया। यह बात पुलिस तक पहुंची तो विवेचक देवेन्द्र सिंह और पीजीआई कोतवाली के दो अन्य पुलिसकर्मियों ने इस दोस्त से सम्पर्क किया। पहले उसके पिता से अनुमति ली, फिर उससे दो घंटे तक पूछताछ की।

 

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