लखनऊ के गांवों की बदलेगी सूरत, विकास कार्यों पर करोड़ों खर्च करेगा जिला पंचायत

 लखनऊ
 
जिला पंचायत चालू वित्तीय वर्ष में 36.50 करोड़ रुपए विकास कार्यों पर खर्च करेगी। इस धनराशि से ग्रामीण क्षेत्र में सड़क, पुलिया, इनकी मरम्मत समेत अन्य कार्य कराए जाएंगे। गांवों को चमकाया जाएगा। शुक्रवार को जिला पंचायत सदन ने वर्ष (2022-23) के  43.25 करोड़ के मूल बजट की मंजूरी प्रदान कर दी। वहीं मनरेगा के 85.46 करोड़ के श्रम बजट को भी सदन ने अनुमोदित किया। जिला पंचातय ने कर में कोई इजाफा नहीं किया है लेकिन आय के स्रोत खोजने के लिए विस्तार से चर्चा की गई।
 
जिला पंचायत अध्यक्ष आरती रावत की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में सदस्यों ने जिला पंचायत की आय में बढ़ोत्तरी पर जोर दिया गया। आय बढ़ाने के लिए टैक्स में इजाफा तो नहीं हुआ लेकिन जिला पंचातय की दुकान, जमीन व अन्य सम्पत्तियों के जरिए आय को बढ़ाने पर सहमति बनी। इसके लिए सभी सम्पत्तियों की पैमाइश करा कर नई सूची तैयार की जाएगी। बैठक में बीकेटी विधायक योगेश शुक्ला व एमएलसी रामचन्द्र प्रधान व विजय बहादुर यादव समेत कई जिला पंचायत सदस्य मौजूद थे।

सदस्यों ने उठाया हैंडपम्प व बिजली का मुद्दा  
बैठक के दौरान सदस्यों ने पानी व बिजली का मुद्दा उठा। जिला पंचायत सदस्य कैप्टन यादव समेत पक्ष – विपक्ष के अन्य सदस्यों ने हैंडपम्प दिए जाने की मांग की। सदस्यों ने कहा कि अगर हैंडपम्प नहीं दिए जा सकते हैं तो बताया जाए। कुछ सदस्यों ने गांवों में घरों के ऊपर से गुजरी बिजली की लाइन को हटाने की मांग की। वहीं बिजली के तार टूटने से फसलों में लगी आग का मुआवजा न मिलने की शिकायत भी सदन में रखी गई।

67 लाख का कर वसूला जाएगा
सदन ने बीते वित्तीय वर्ष 2021-22 के कर वसूली का अनुमोदन भी किया। इसके तहत गांवों में 4043 कर दाताओं से 67 लाख रुपए के टैक्स की वसूली की जाएगी। इसमें ग्रामीण क्षेत्र में 20 हजार से अधिक का व्यवसाए करने वालों से टैक्स लिया जाता है।

 

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