रिकॉर्ड समय में बन कर जनता के लिए तैयार बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, इन शहरों को मिलेगी रफ्तार

 लखनऊ
 
 छह महीने पहले बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के लिए बन कर तैयार हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसका लोकार्पण के तुरंत बाद इसे जनता के लिए खोल दिया जाएगा।  बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के जरिए चित्रकूट से दिल्ली तक का सफर छह घंटे पूरा हो सकेगा। दिलचस्प यह कि यूपीडा ने यह एक्सप्रेसवे 36 महीने के बजाए 24 महीने में बना कर एक नया कीर्तिमान बनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इसका लोकार्पण 12 जुलाई को जालौन के कैथरी गांव में कराने की तैयारी है। प्रधानमंत्री ने 29 फरवरी 2020 को इसका शिलान्यास किया था तब इसे तीन साल में पूरा करने का निर्णय लिया गया और इसे 14 जनवरी 2023 को पूरा करना था। लेकिन कोरोना काल व भारी वर्षा के बावजूद इसे समय  से पहले पूरा करा लिया गया। साथ ही कम लागत में इसे बनाने वाली कंपनियों का चयन हुआ जिससे इसकी लागत  12.72 प्रतिशत कम हो गई।  इस तरह यूपीडा के 1132 करोड़ रुपये बच गए।

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे सात लाख पौधों से होगा ग्रीन एक्सप्रेसवे  
इस एक्सप्रेसवे के दोनों ओर सात लाख पौधे लगाए जा रहे हैं। इससे एक्सप्रेसवे पूरी तरह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बन जाएगा। इस एक्सप्रेसवे के चार स्थानों पर  फ्यूल पंप व जनसुविधा परिसर बनाए गए हैं। इसके अलावा एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया गया है। हर पांच मीटर पर रेन वाटर हारर्वेस्टिंग पिट का निर्माण कराया गया है। इसमें वर्षा का जल एकत्र होगा।  बांदा व जालौन से गुजरने वाले एक्सप्रेसवे के नजदीक ही डिफेंस इंडस्ट्रियल कारीडोर का निर्माण हो रहा है। यह एक्सप्रेसवे चित्रकूट (झांसी- प्रयागराज एनएच 35 ) से शुरू होगा और बांदा, हमीरपुर, जालौन, औरया व इटावा में खत्म होगा।

इनका कहना है
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे रिकार्ड समय में बन कर तैयार हुआ है। इससे वाहनों की ईंधन खपत काफी कम हो जाएगी। प्रदूषण भी कम होगा। इससे औद्योगिक, खेती, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। डिफेंस कारीडोर को भी इससे फायदा होगा। यहीं इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीटयूट व मेडिकल कालेज बनेंगे।
अवनीश अवस्थी, सीईओ यूपीडा

 

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