मुख्यमंत्री पहुंचे पाटन में संचालित स्वामी आत्मानंद स्कूल, पहले प्री प्राइमरी कक्षा संचालन का किया शुभारंभ

रायपुर
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पाटन में संचालित स्वामी आत्मानंद स्कूल पहुंचे जहां उन्होंने पाटन में दुर्ग जिले के पहले प्री प्राइमरी कक्षा संचालन का शुभारंभ किया। इस दौरान वन मंत्री मोहम्मद अकबर भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री जैसे ही स्वामी आत्मानंद स्कूल में पहुंचे वहां कक्षा दूसरी की छात्रा चंद्रकला ने गुलाब देकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पाटन में दुर्ग जिले के पहले प्री प्राइमरी कक्षा संचालन का शुभारंभ किया। इसके बाद मुख्यमंत्री अलग-अलग कक्षाओं में पहुंचे जहां कक्षा आठवीं की छात्रा विनाक्षी सिंह ने जानना चाहा कि स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल शुरू करने के पीछे उनका लक्ष्य क्या था? मुख्यमंत्री ने स्वामी आत्मानंद के बारे में बच्चों से पूछा। फिर बच्चों को स्वामी आत्मानंद की प्रतिभा और कार्यों के बारे में बताया।

स्वामी आत्मानंद शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल पाटन के परिसर में अंग्रेजी माध्यम के साथ हिंदी माध्यम स्कूल भी संचालित किया जा रहा है। वर्तमान में यहां इंग्लिश मीडियम में कक्षा पहली से कक्षा दसवीं तक 494 विद्यार्थी और हिंदी माध्यम में कक्षा नवमीं से बारहवीं 349 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। अब यहां शैक्षणिक सत्र 2022-23 से इंग्लिश मीडियम में प्री प्राइमरी की कक्षाएं भी शुरू की जा रही हैं। दुर्ग जिले का यह पहला स्वामी आत्मानंद स्कूल होगा, जहां प्री प्राइमरी की कक्षाएं संचालित की जाएंगी। केजी -1 और केजी -2 के लिए 20-20 सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है।

स्वामी आत्मानंद शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल पाटन के परिसर में स्कूल में सुविधाओं की बात करें तो लगभग 2 एकड़ में बने पाटन के स्वामी आत्मानंद स्कूल परिसर में कुल 16 क्लास रूम, बायोलॉजी, केमेस्ट्री और फिजिक्स के 3 पृथक लैब रूम, 1 कंप्यूटर लैब, 3 स्मार्ट क्लास रूम, 1 स्पोर्ट्स रूम, डिपार्टमेंट रूम, 2 स्टाफ रूम, 1 हेड मास्टर रूम, 1 प्रिंसिपल रूम, 1 आॅफिस रूम, 1 एग्जाम हाल, 1 आॅडिटोरियम, 1 लाइब्रेरी और बड़े मैदान के साथ 1 भव्य मंच बना हुआ है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वामी आत्मानंद स्कूल पाटन में विधानसभा के अंतर्गत संचालित सभी 7 स्वामी आत्मानंद स्कूल के प्रिंसिपल और शिक्षकों के साथ भेंट-वार्ता की। इस दौरान सभी स्कूलों की ओर से अपने स्कूलों की अधोसंरचना, स्टाफ और छात्रा की जानकारी देने के स्कूल के उपलब्धियों के बारे में बताया।

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