गुरुकुल महिला महाविद्यालय कैंपस में सर्व सुविधा युक्त कैंटीन का उद्घाटन

रायपुर

गुरुकुल महिला महाविद्यालय कैंपस में सर्व सुविधा युक्त कैंटीन का उद्घाटन आज हुआ। आयोजन में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री महेंद्र अग्रवाल ने भातखंडे ललित कला शिक्षा समिति के शिक्षण में योगदान को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि निश्चित रूप से इस समिति के द्वारा संचालित संस्थाएं शिक्षण के क्षेत्र में बेहतर काम कर रही हैं। उन्होंने कैंटीन के आरंभ किए जाने पर हर्ष व्यक्त किया और कहा की जैतू साव मठ मंदिर ट्रस्ट की ओर से कैंटीन के संचालन के लिए प्रतिवर्ष 1 लाख रुपए का योगदान दिया जाएगा। उन्होंने अपने शिक्षण के दिनों को याद करते हुए समस्त संस्थाओं के संचालन में और योगदान में महंत लक्ष्मीनारायण दास और ठाकुर रामचंद्र जी स्वामी न्यास की विशेष भूमिका बताई।

भातखंडे ललित कला शिक्षा समिति में उपाध्यक्ष श्री अजय तिवारी ने कहा की जैतू साव मठ मंदिर ट्रस्ट के सचिव का सोशल वेलफेयर में काफी बड़ा योगदान है उनके द्वारा महंत लक्ष्मीनारायण दास की स्मृति में स्थापित हो रहे नए कॉलेज परिसर के लिए 5 एकड़ एवं कन्या छात्रावास के लिए ढाई एकड़ भूमि ट्रस्ट के द्वारा प्रदान गई है यह शिक्षण क्षेत्र के लिए काफी बड़ा योगदान है इस तरह के अनेक कार्य उनके नेतृत्व में निरंतर संचालित और परिलक्षित होते रहे जबकि ललित कला शिक्षा समिति में सचिव श्रीमती शोभा खंडेलवाल ने शिक्षा समिति के शिक्षा में योगदान को निरंतर जारी रखने का आश्वासन दिया और कहा कि वह अपने प्रयासों से इस कार्यों को निर्बाध तरीके से जारी रखेंगी आपको बता दें की जिस कैंटीन का आज लोकार्पण हुआ है उस कैंटीन का संचालन गुरुकुल महाविद्यालय से शिक्षित यदु बहनों के द्वारा किया जा रहा है और निरंतर कैंटीन के माध्यम से शिक्षण में योगदान के लिए तत्पर रहने की बात कही है कार्यक्रम में भातखंडे ललित कला शिक्षा समिति के अध्यक्ष श्री तरल मोदी,उपाध्यक्ष श्री अजय तिवारी,सचिव श्रीमती शोभा खंडेलवाल,सदस्य श्री आर के गुप्ता तथा श्री एस एन भट्टाचार्य उपस्थित थे।

कार्यक्रम में गुरूकुल महिला महाविद्यालय की प्राचार्य डॉक्टर श्रीमती संध्या गुप्ता कमलादेवी संगीत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ विद्यानाथ सिंह, लक्ष्मीनारायण कन्या शाला की प्राचार्या श्रीमती मनीषा गहोई , अरुणोदय कन्या शाला की प्राचार्या के साथ अध्यापकगण तथा बड़ी संख्या में छात्राएं भी उपस्थित रहीं।

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