1998-99 के एलबी संवर्ग शिक्षकों ने भी किया पुरानी पेंशन का लाभ देने की मांग

रायपुर
शिक्षा कर्मी वर्ग 1, 2 और 3 तीन की भर्ती व्याख्याता शिक्षक एवं सहायक शिक्षक के स्वीकृत पदों के विरुद्ध 1998-99 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने शिक्षा कर्मी भर्ती योजना 1997 के तहत मध्यप्रदेश शासन के अंतर्गत स्थानीय निकायों (जनपद, जिला पंचायत एवं नगरीय निकाय) में शिक्षा विभाग ने किया था। लेकिन इन शिक्षकों को पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा था। राजस्थान और झारखंड की राज्य सरकारों ने अपने यहां पुरानी पेंशन योजना को लागू कर दिया था और यहां भी कांग्रेस की सरकार होने के चलते प्रदेश शिक्षक कल्यण संघ छत्तीसगढ़ के बैनर तले 1998-99 के एलबी संवर्ग शिक्षकों ने सोमवार को पत्रकारवार्ता लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से पुरानी पेंशन का लाभ देने की मांग की है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में 14000 संवर्ग शिक्षक यहां कार्यरत हैं और इन शिक्षकों को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम के साथ ही 40 विधायकों का समर्थन पत्र भी प्राप्त हो चुका हैं।

प्रदेश शिक्षक कल्यण संघ छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष चंद्रभानु मिश्र ने बताया कि तीन वर्ष परिवीक्षा अवधि पूर्ण होने के पर हमें नियमितीकरण किया गया है, नियमित सेवा अब तक शिक्षा विभाग में निरंतर जारी है। राजपत्र 1997-98 में सामान्य सेवा शर्तों का स्पष्ट उल्लेख नहीं था केवल यह लिखा गया था कि पंचायत एवं नगरीय निकाय के अन्य कर्मचारियों के प्रलाभ प्राप्त होगी। इसका पालन तत्कालिक विभाग प्रमुखों द्वारा नहीं कर अपने संवैधानिक अधिकारों से वंचित रखा गया। एक ही विभाग में 1998-99 से अब तक नियमित कार्य करते रहे है, अल्प वेतनमान और अपेक्षापूर्ण वातावरण में प्रदेश के दूरस्थ ग्राम्यांचलों में शिक्षण कार्य करते रहे है। प्रशासनिक निर्देश व वित्तीय संपोषण भी शिक्षा विभाग से जारी होता रहा है। आज हम सेवानिवृत्ति के कगार पर है, सिर्फ हमारी नियुक्ति का कार्य स्पष्ट सेवा शर्तों के साथ पंचायत व नगरीय निकाय के माध्यम से हुई है। सेवाकल के आधार पर शासन द्वारा जुलाई 2018 में शिक्षा विभाग में संविलियन हुआ लेकिन हमारी पूर्व सेवा को विभाग द्वारा शून्य माना जाना संवैधानिक अधिकार और सेवा का हनन है जो पेंशन अधिनियम 1972 के नियम 26 का स्पष्ट उल्लंघन है। 2004 में पूरे देश में वन नेशन वन पेंशन योजना लागू की गई लेकिन नियम को नजर अंदाज कर शिक्षक संवर्ग को 2012 से एनपीएस से जोड़ा गया और हमारे पक्षपात पूर्ण कार्यवाही की गई।

उन्होंने कहा कि शिक्षक संवर्ग सेवानिवृत्ति के करीब है लेकिन सेवा प्रारंभ और सेवाकाल के आधार पर पुरानी पेंशन योजना के हकदर है लेकिन नई पेंशन योजना से जीवन जीने योग्य पेंशन राशि नहीं मिलेगी। न ही पूर्ण सेवाकाल की ग्रेज्युटी और न ही परिवार पेंशन। अल्प वेतन में 22 वर्ष शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं समर्पित कर चुके है इस आधार पर पूर्ण सेवालाभ मिलना स्वाभाविक अधिकार है।

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