5 हजार हेक्टेयर में पाम वृक्ष के प्लांटेशन एवं प्रसंस्करण के लिए हुआ एमओयू

कोण्डागांव
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रवास के दौरान 28 मई को विश्राम गृह में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री के समक्ष जिला प्रशासन एवं अम्मा पाम प्लांटेशन्स प्राइवेट लिमिटेड के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर किये गये। इस एमओयू के अनुसार अम्मा पाम प्लांटेशन्स के द्वारा जिले में किसानों को पाम वृक्षों के रोपण एवं इनके रक्षण एवं उत्पादन का प्रशिक्षण देकर पाम फलों का उत्पादन कराया जायेगा। इन उत्पादित फसलों का पूर्णत: अम्मा पाम द्वारा खरीदी कर इसका जिले में प्लांट लगाकर प्रसंस्करण किया जायेगा जिससे किसानों को लाभ प्राप्त होगा।

इसके संबंध में अम्मा पाम प्लांटेशन्स के संचालक हरीश ने बताया कि यूक्रेन-रूस युद्ध के साथ पूरे विश्व में सभी वस्तुओं के मूल्यों में वृद्धि की है। ऐसे में भारत में सर्वाधिक आयात एवं उपभोग किये जाने वाले पाम आॅइल की मांग बढ?े से मूल्यों में वृद्धि हुई है। ऐसे में मलेशिया से रिश्ते बिगड?े एवं इंडोनेशिया के पाम आॅइल निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के साथ भारत शासन द्वारा पाम आॅइल के आयात पर इंडोनेशिया, मलेशिया जैसे देशों पर निर्भरता खत्म करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन प्रारंभ किया गया है। जिसमें पाम आॅइल के उत्पादन एवं वृक्षों के प्लांटेशन हेतु कार्ययोजना तैयार कर इसके लिए 11 हजार करोड़ रुपए के पैकेज की घोषणा की गई है।

उन्होने बताया कि इस मिशन के तहत कोण्डागांव जिले में पाम के वृक्षों की खेती हेतु आवश्यक जलवायु की उपलब्धता को देखते हुए जिला प्रशासन ने अम्मा पाम के साथ एमओयू कर जिले में 05 हजार हेक्टेयर में पाम के वृक्षों को लगाने पर सहमति व्यक्त की गई है। इसके लिए उद्यानिकी विभाग से चर्चा कर मार्च 2023 तक 600 हेक्टेयर में प्लांटेशन किया जायेगा एवं इसके पश्चात प्रतिवर्ष 02 हजार हेक्टेयर में पौधों का रोपण किया जायेगा। इस प्रकार 04 वर्ष में कुल 05 हजार हेक्टेयर में पाम वृक्षों को उगाया जायेगा। अभी तक 85 हेक्टेयर में पाम की खेती प्रारंभ कर दी गई है।

इन वृक्षों से होने वाले फलों के लिए कम्पनी द्वारा बाय बैक गारंटी के तहत् उत्पादित प्रत्येक फसल को खरीद कर 15 दिनों में भुगतान सुनिश्चित किया जायेगा। इन पाम वृक्षों के रोपण कर जिले में पाम आॅइल निकालने हेतु 20 करोड़ की लागत से आॅइल प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना जुलाई 2022 से प्रारंभ कर फरवरी 2023 तक स्थापित किया जायेगा। इस प्लांट से प्रति घण्टे 10 टन पाम फलों का प्रसंस्करण होगा एवं वर्ष में 60 हजार टन पाम फलों का प्रसंस्करण किया जायेगा। इस प्लांट का कुल वार्षिक टनओवर 150 करोड़ होगा। इसके माध्यम से 50 लोगों को प्रत्यक्ष एवं 500 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त होगा। जिससे 3500 से अधिक कृषकों को प्रतिवर्ष 100 करोड़ से अधिक की राशि प्राप्त होगी, जिसमें प्रति किसान प्रति हेक्टेयर 3-4 लाख प्रति वर्ष किसानों को लाभ होगा। प्लांट के लिए वर्तमान में स्थल चयन की प्रक्रिया की जा रही है।

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