अंग दान प्रक्रिया का हुआ सरलीकरण

रायपुर
स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य में एक और महत्वपूर्ण सुविधा मरीजों को मिलने लगेगी जिसके तहत मृत व्यक्ति या ब्रैन डेड व्यक्ति के परिजन मानव अंग दान देने के लिए तैयार होते है तो उनके अंगों का प्रत्यारोपण आवश्यकता वाले मरीजों को किया जा सकेगा। इससे पहले अंग दान केवल अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजन ही कर सकते थे।

उल्लेखनीय है कि वर्तमान समय में अंग प्रत्यारोपण की सुविधा राज्य में रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल, एनएचएमएमआई हॉस्पिटल, श्रीबालाजी हॉस्पिटल एंड मेडिकल साइंस तथा श्रीनारायणा हॉस्पिटल में पहले से ही उपलब्ध है। इसी कड़ी में अब शासकीय बाबा अंबेडकर साहेब मेडिकल कॉलेज में भी अंग प्रत्यारोपण की सुविधा मरीजों के लिए उपलब्ध हो सकेगी। वर्तमान समय में अंग प्रत्यारोपण के लिए अस्पतालों में मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है इस सुविधा के शुरू होने से मरीज का चाहे वह किसी भी अस्पताल भर्ती हो अथवा घर में उसकी मृत्यु होती है, यदि वह इन अस्पतालों से संपर्क कर अंग दान करने के लिए तैयार होता है तो अस्पताल ऐसे व्यक्तियों की जांच प्रक्रिया पूरी कर अंग प्रत्यारोपण कर सकते हैं। इसके चलते अस्पतालों में अंग प्रत्यारोपण से मरीजों को तत्काल स्वस्थ होने में मदद मिलेगी साथ ही वेटिंग लिस्ट भी कम होगी साथ ही इससे अंग मिलने की प्रक्रिया भी तेज होगी।

यहां पर यह बताना भी लाजमी है कि मृत व्यक्ति या ब्रैन डेड व्यक्ति से किडनी, फेफडे, लीवर, हार्ट, कार्निया, चमड़ी से दो व्यक्तियों की जान बचाई जा सकती हैं। प्रत्यारोपण के लिए जांच की प्रक्रिया वही होगी जो जीवित व्यक्तियों के साथ की जाती हैं,। इस संबंध में जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने अंग प्रत्यारोपण करने वाले संबंधित अस्पतालों को सूचना भी भेजी हैं, इसके पीछे उनका उद्देश्य अंग दान हेतु लोगों को प्रोत्साहित किया जाना भी हैं।

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