केंद्रीय मंत्री द्वारा महंगे ईंधन के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार बताना बेशर्मी

रायपुर
केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार को महंगे फ्यूल के लिए जिम्मेदार बताये जाने को बेशर्मी भरा बयान बताते हुए प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ में फ्यूल पर वैट टैक्स बाकी राज्यों से बहुत कम है और हाल ही में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वेट टैक्स में पेट्रोल में 1 प्रतिशत डीजल में 2 प्रतिशत की कटौती भी की गई है। यह सब जानते हुए भी केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी अपनी नाकारा मोदी सरकार को जलील होने से बचाने और भ्रम फैलाने के लिए राज्य सरकार को वेट टैक्स में कटौती करने को कह रहे हैं। ईंधन के दाम पिछले 20 दिनों में 11 रू. बढ़ चुके हैं। पिछले आठ सालों में केंद्र सरकार ने बार-बार पेट्रोल और डीजल पर करों में वृद्धि कर जनता से 26 लाख करोड़ रुपये वसूल लिए हैं। इस प्रायोजित और बेरहम लूट को भी महिमामंडित करते हुए हरदीप पूरी कह रहे हैं कि यह पूरा पैसा विकास कार्यों पर खर्च किया जा रहा है, जबकि सत्य यह है कि बर्बाद अर्थव्यवस्था, अनियंत्रित महंगाई और उफनती बेरोजगारी के बीच केवल मोदी सरकार के कुछ उद्योगपति मित्रों का ही विकास हो रहा है।

शुक्ला ने कहा कि केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी छत्तीसगढ़ आकर खुलेआम झूठ बोल रहे हैं कि वह बायोडीजल और एथेनॉल को प्रोत्साहन देने के लिए काम कर रहे हैं जबकि छत्तीसगढ़ सरकार पिछले दो-तीन साल से चावल से एथेनॉल बनाने की अनुमति पाने के लिए प्रयासरत है मगर उनके द्वारा कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है।मोदी सरकार नहीं चाहती कि बायोडीजल और इथेनॉल को प्रोत्साहन मिले और उनकी मुनाफाखोरी पर कोई आंच आए।वास्तव में केंद्र सरकार और तेल कंपनियों द्वारा की जा रही सामूहिक लूट से जनता हलकान हो चुकी है। क्रूड आयल के घटते दामों के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उछाल का गणित मोदी सरकार को छोड़ किसी को समझ नहीं आ रहा है। केंद्र सरकार को जनता की जेब कि नहीं अपने मुनाफे और उद्योगपतियों की तिजोरी की चिंता है।

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