श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञानयज्ञ: राज्य विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत हुए सम्मिलित

रायपुर
श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ सप्ताह के आज सातवें दिन 'परीक्षित मोक्ष' प्रसंग का उल्लेख करते हुए आचार्य श्री प्रमोद पाण्डेयजी (बेलसरी वाले) ने बताया कि श्रृंगी ऋषि के श्राप को पूरा करने के लिए तक्षक नामक सांप भेष बदलकर राजा परिक्षित के पास पहुंचकर उन्हें डस लेते हैं और जहर के प्रभाव से राजा का शरीर जल जाता है और मृत्यु हो जाती है। लेकिन श्री मद्भागवत कथा सुनने के प्रभाव से राजा परीक्षित को मोक्ष प्राप्त होता है। पिता की मृत्यु को देखकर राजा परीक्षित के पुत्र जनमेजय क्रोधित होकर सर्प नष्ट हेतु आहुतियां यज्ञ में डलवाना शुरू कर देते हैं जिनके प्रभाव से संसार के सभी सर्प यज्ञ कुंडों में भस्म होना शुरू हो जाते हैं तब देवता सहित सभी ऋषि मुनि राजा जनमेजय को समझाते हैं और उन्हें ऐसा करने से रोकते हैं। आचार्य श्री ने कहा कि कथा के श्रवण करने से जन्मजन्मांतरों के पापों का नाश होता है और विष्णुलोक की प्राप्ति होती है।

संसार में मनुष्य को सदा अच्छे कर्म करना चाहिए, तभी उसका कल्याण संभव है।माता-पिता के संस्कार ही संतान में जाते हैं। संस्कार ही मनुष्य को महानता की ओर ले जाते हैं। श्रेष्ठ कर्म से ही मोक्ष की प्राप्ति संभव है। हम संसार में रहते हुए निकाष्म भाव से कत्र्तव्य कर्म करते रहें, शुभ कर्म, पुण्य कर्म करते रहें, पर उन कार्यो के फलों के प्रति आसक्ति न रखें, राग न रखें यही वैराग्य है। अतः अभ्यास और वैराग्य का अभ्यास करते रहने से मन वश में होने लगता है। इसके साथ ही भगवान कहते हैं – अहंकार मनुष्य में ईष्र्या पैदा कर अंधकार की ओर ले जाता है। मनुष्य को सदा सत्कर्म करना चाहिए। उसे फल की चिंता ईश्वर पर छोड़ देनी चाहिए। सम्राट परीक्षित को जब मोक्ष प्राप्त हुआ तो ब्रह्मा जी ने अपने लोक में एक तराजू लगाई। इसके एक पलडे़ में सारे धर्म और दूसरे में श्रीमद भागवत को रखा तो भागवत का ही पलड़ा भारी रहा। अर्थात सारे वेद पुराण शास्त्रों का मुकुट है । कथा में विविध भजनों की संगीतपूर्ण प्रस्तुति दी गई।
                  
इस अवसर पर राज्य विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत जी, डॉ विनय पाठक जी पूर्व राजभाषा अध्यक्ष, आशीष सिंह अध्यक्ष महामाया ट्रस्ट, राकेश शर्मा,आदित्य सिंह, हरीश शुक्ला, अरुण मिश्रा, शैलेन्द्र तिवारी, दिनेश पाण्डेय, अमृता पाण्डेय, कौशलेश पाण्डेय, विनोद शर्मा. अनिल शर्मा, सतीश शर्मा, संजय शर्मा, सुशील शर्मा, उमेश शर्मा, राजेश शर्मा, पार्थ शर्मा, विनायक शर्मा, उमेश शर्मा, नटराज शर्मा, श्रीमती निशा शर्मा, ज्योति शर्मा, किरण दीक्षित, अंजली जाधव, कमला शुक्ला, बेला गौरहा, पूजा पांडेय, नेहा तिवारी, सरला शर्मा, अणिमा शर्मा, आद्या शर्मा, सुनीता द्विवेदी, समीक्षा शर्मा, प्रीती मिश्रा आदि श्रद्धालुजन व नागरिकगण उपस्थित रहे ।

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