सिम्स में हुआ दुर्लभ पैंक्रियाज टैल के नियोप्लास्टिक ट्यूमर का सफल आपरेशन

बिलासपुर
जांजगीर-चांपा निवासी 64 वर्षीय रथलाल धोबी पेट दर्द, डायबिटीज और हाइपरटेंशन से ग्रसित थे। जांजगीर में वरिष्ठ मेडिसिन स्पेशलिस्ट डॉ. यू. सी. शर्मा ने प्रारंभिक इलाज किया। इलाज और जाँच के दौरान सी.टी. स्कैन में बिलासपुर के वरिस्ठ रेडियोलाजिस्ट डॉ. पवन कुमार गुप्ता ने पैंक्रियाज के टैल में 10 सीएम, 7 सीएम, 6 सीएम का दुर्लभ नियोप्लास्टिक ट्यूमर स्प्लीन से सटा हुआ है ,पहचान किया। बीमारी पकड़ में आने पर मरीज को सिम्स बिलासपुर में सर्जन डॉ. मृणाल शर्मा के पास रेफ? किया गया।

सिम्स के सर्जन डॉ. मृणाल शर्मा ने मरीज को भर्ती कर आॅपरेशन  के लिये तैय्यार किया। सर्जरी में पहले डायग्नोस्टिक लेप्रोस्कोपी कर परखा गया की बीमारी फैली हुई तो नहीं है। तत्पश्चात मरीज का डिस्टल पैन्क्रियाएक्टोमी और स्प्लेनेक्टोमी आॅपरेशन किया गया। आॅपरेटिव टीम में सर्जन डॉ. मृणाल शर्मा, डॉ विनोद तामकनंद और सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज शेन्दे शामिल थे। सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज शेन्दे के पहल से सिम्स  में पहली बार सर्जरी में कवीडिएन लिगासुर वेसल सीलिंग अल्ट्रासोनिक स्केलपेल सिस्टम का प्रयोग किया गया। एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश निगम के निर्देशन में डॉ. मिल्टन ने जनरल एनेस्थीसिया दिया और स्टाफ नर्स रीटू अथवा ओ.टी. स्टाफ संतोष पाण्डेय ने सर्जरी में असिस्ट किया। पोस्ट-आॅपरेटिव मरीज स्थिर है , अब उसका डिस्चार्ज प्लान किया जा रहा है। मरीज को नियमित फॉलो-अप में रखा जायेगा। डॉ. मृणाल शर्मा के अगुवाई और सिम्स सर्जरी यूनिट-वन टीम के सहयोग से यह दुर्लभ बीमारी का सफल सर्जरी कर निदान किया गया।

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