मोदी सरकार के शासन का मूल मंत्र है- सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण – प्रहलाद पटेल

रायपुर
मोदी सरकार का मूल मंत्र है- सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण । केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और जल शक्ति राज्यमंत्री प्रहलाद सिंह पटेल नेआईसीएआर- नेशनल इंस्टीट्यूट आॅफ बायोटिक स्ट्रेस मैनेजमेंट संस्थान, बरौंदा, रायपुर  में आयोजित गरीब कल्याण सम्मेलन में उक्त बातें कही । उन्होंने कहा कि आज भारत,प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भरता की राह पर चलते हुए, आर्थिक महाशक्ति बनने की दिशा में अग्रसर है ।

पटेल ने बताया कि सरकार समावेशी विकास के मॉडल के साथ आगे बढ़ रही है, जिसका उद्देश्य देश के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाते हुए, उनके जीवनस्तर को ऊपर उठाना है । उन्होंने कहा कि जनधन, उज्जवला, आयुष्मान भारत, मुद्रा योजना, पीएमकिसान सम्मान निधि, स्वच्छ भारत, सौभाग्ययोजना आदि के माध्यम से गरीबों का न सिर्फ आर्थिक सशक्तिकरण हो रहा है बल्कि उन्हें सम्मान के साथ जीने का अवसर देने का सफल प्रयास भी किया जा रहा है ।

इस अवसर पर सांसद  सुनील सोनी ने कहा कि आज बहुत ही हर्ष का विषय है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 11वीं किस्त की धनराशि हमारे किसान भाईयों के खाते में सीधे जमा हुई है । मोदी सरकार के आठ साल पूरा होने के उपलक्ष्य में हिमाचल प्रदेश के शिमला में आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गरीब कल्याण सम्मेलन वर्चअुल रूप से मुख्य अतिथि केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और जल शक्ति राज्यमंत्री प्रहलाद सिंह पटेल सहित रायपुर जिले के किसान और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थी भी इसमें शामिल हुए। सम्मेलन में रायपुर के सांसद, सुनील सोनी,विधायक, बृजमोहन अग्रवाल एवं राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (नेशनल इन्स्टीट्यूट आॅफ बॉयोटिक स्ट्रेस मैनेजमेंट), बरौन्दा, रायपुर के कुलपति एवं निदेशक,डॉ पी. के. घोष, सहित बड़ी संख्या में किसान और योजनाओं के लाभार्थी उपस्थित थे।

भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा केंद्र सरकार की 8 वर्ष की उपलब्धियों पर आधारित पत्रिका सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण काश्री प्रहलाद पटेल ने विमोचन किया। इस पत्रिका में गरीबों के उत्थान के लिए सतत प्रयत्नशील केंद्र सरकार के प्रयासों का विस्तार से उल्लेख किया गया है। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल द्वारा रीजनल आउटरीच ब्यूरो, रायपुर द्वारा परिसर में लगाए गए चित्र प्रदर्शनी का अवलोकनकिया किया गया। सम्मेलन के दौरान विभागीय पंजीकृत गीत एवं नाटक दल द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी गई।

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